क्या सपा सांसद ने महाराणा सांगा को लेकर बोला झूठ? अदालत में पेश हुआ इतिहास का असली चेहरा

Maharana Sanga Remark: सपा सांसद रामजीलाल सुमन के महाराणा सांगा पर दिए गए बयान को लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई. याची पक्ष ने इतिहासकार प्रो. विवेक सेंगर को गवाह के रूप में पेश किया. सेंगर ने बयान को सनातनियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया. अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी.

Maharana Sanga Remark: 2 जुलाई को एमपी-एमएलए कोर्ट में सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा महाराणा सांगा को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सुनवाई हुई. इस बार याची पक्ष ने अपने समर्थन में वरिष्ठ इतिहासकार प्रो. विवेक सेंगर को बतौर गवाह कोर्ट में प्रस्तुत किया.
प्रो. सेंगर ने अदालत के समक्ष विभिन्न ऐतिहासिक ग्रंथों, दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सांसद का बयान ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है और इससे सनातन परंपरा और देश की एकता को ठेस पहुंचती है.

क्षत्रिय महासभा ने दर्ज कराई आपत्ति, याचिका में बताया भावनाएं आहत

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब सपा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा महाराणा सांगा को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. इस बयान के खिलाफ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने अदालत में याचिका दाखिल कर दी. याचिका में कहा गया कि महाराणा सांगा न केवल राजपूत समाज के गौरव हैं, बल्कि देश के इतिहास में उनका विशेष स्थान है. सांसद का बयान न केवल ऐतिहासिक रूप से भ्रामक है, बल्कि यह समाज विशेष की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला है.

अदालत में हुआ गरमागरम बहस, प्रमुख अधिवक्ताओं की मौजूदगी

इस सुनवाई के दौरान कोर्ट में याची पक्ष की ओर से एडवोकेट राजेश सिंह चौहान और एडवोकेट सतीश सिंह मौजूद रहे. साथ ही अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र सिंह भी कोर्ट में उपस्थित थे.
दोनों अधिवक्ताओं ने कोर्ट में जोरदार ढंग से पक्ष रखते हुए कहा कि यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास है. उन्होंने अदालत से सख्त कदम की मांग की.

अगली सुनवाई 11 जुलाई को तय, फैसला अहम माना जा रहा

अदालत ने इस पूरे मामले की अगली सुनवाई की तारीख 11 जुलाई को नियत कर दी है. माना जा रहा है कि इस दिन कोई बड़ा निर्णय सामने आ सकता है.

यह केस अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे जुड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श भी तेज़ हो गया है। सभी की निगाहें अब आगामी सुनवाई पर टिकी हैं.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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