Mahakumbh 2025: सुरक्षा में तैनात रहेंगे 220 हाईटेक गोताखोर और 700 नावें, 24x7 रहेगी नजर

Mahakumbh 2025: महाकुम्भ मेले की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है. इसबार सुरक्षा पर पूरा फोकस किया गया है. साथ ही मेले की भव्यता बढ़ाने के लिए विशेष तैयारी की गई है.

Mahakumbh 2025: महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा स्नान से होगी. इसको लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दे रही है. संगम स्नान के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ( NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे.

Mahakumbh 2025: सुरक्षा में तैनात रहेंगे 220 गोताखोर और 700 नावें

महाकुंभ में संगम स्नान के दौरान 220 हाईटेक गोताखोर और 700 नावें तैनात रहेंगे. सभी 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहेंगे. संगम स्नान करने के लिए देशभर से श्रद्धालु महाकुंभ पहुंचते हैं, इसके साथ ही विदेश से भी लोग यहां आते हैं. वैसे में लोगों की सुरक्षा सरकार की बड़ी जिम्मेदारी हो जाती है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 200 से अधिक स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.

महाकुम्भ को जगमग करने के लिए लगाए जाएंगे 40000 चार्ज होने वाले बल्ब

इस बार महाकुम्भ मेले की भव्यता और दिव्यता बढ़ाने लिए पहली बार 40000 से अधिक चार्ज होने वाले बल्ब लगाए जा रहे हैं। ये बल्ब खुद चार्ज होते हैं और बिजली गुल होने पर भी प्रकाश देते हैं. पूरे मेला क्षेत्र में 40 से 45 हजार के बीच चार्ज होने वाले बल्ब भी लगाए जाएंगे. आमतौर पर एक चार्ज होने वाले बल्ब की कीमत लगभग 600 से 700 रुपये के बीच होती है, ऐसे में 45 हजार बल्ब लगाने पर करीब 2.7 करोड़ रुपए का खर्च होने की संभावना है. इसके अलावा शिविर के बाहर 2000 सोलर हाईब्रिड लाइट लगाने की व्यवस्था की जा रही है. सोलर हाईब्रिड लाइटें बिजली जाने पर भी लगातार काम करती रहेंगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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