लखनऊ : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग हादसे में फंसे यूपी के सभी आठ श्रमिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं. उनका रेस्क्यू जारी है. मौके पर एंबुलेंस के साथ चिकित्सकों की टीम भी मौजूद है. एनडीआरएफ की टीम सुरंग के अंदर रेस्क्यू कर उनको बाहर लाई है. इस सूचना के बाद श्रावस्ती में उन परिवारों ने राहत की सांस ली है जिनके घर के लोग इस टनल में फंसे हुए थे. उत्तरकाशी में दिवाली के दिन सिलक्यारा की सुरंग में भूस्खलन से 41 मजदूर फंस गए थे. इसमें श्रावस्ती के आठ श्रमिक भी हैं. डीएम कृतिका शर्मा मंगलवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे श्रावस्ती के मजदूरों के घर परिजनों से मिलने पहुंचीं .सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों में से छह मजदूर श्रावस्ती के आदिवासी गांव मोतीपुर के रहने वाले हैं. मंगलवार को डीएम कृतिका शर्मा मजदूरों के गांव मोतीपुर कला गांव पहुंचीं. उन्होंने श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया. डीएम कृतिका शर्मा ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन उनके हर दुख दर्द में साथ है.
जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने बताया कि विकास खंड सिरसिया के मोतीपुर कला पहुंच कर उत्तरकाशी में स्थित सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे श्रमिकों के परिजनों से मुलाकात की. श्रमिकों के परिजनों का ढाढ़स भी बढ़ाया और कहा कि टनल मे सभी लोग सुरक्षित हैं. उन्हें बताया कि घबराए नहीं पल-पल सरकार और जिला प्रशासन द्वारा निगरानी की जा रही है। उन्हें निकालने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य तेजी से चल रहा है.
Also Read: Uttarakhand Tunnel Rescue: उत्तराखंड के टनल में फंसे लोग बाहर निकलें,जानें सरकार मजदूरों को क्या-क्या देगी लाभ उप जिलाधिकारी भिनगा को परिवार की देखभाल की जिम्मेदारीडीएम ने परिजनों को बताया कि वहां से निकालने के बाद सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें आपके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है. डीएम ने बताया कि उत्तराखंड के उत्तराकाशी स्थित सिलक्यारा टनल हादसे मे फंसे मोतीपुर कला निवासी श्रमिक अंकित कुमार, संतोष कुमार ,राम सुंदर, जय प्रकाश और इसी ग्राम पंचायत के रानियापुर के निवासी सत्यदेव, राम मिलन के घर पर जाकर परिजन से मिलीं. साथ ही उनके स्वास्थ भोजन पानी आदि सभी व्यवस्थाओं को भी देखा. डीएम ने उप जिलाधिकारी भिनगा पीयूष जायसवाल को निर्देश दिया कि जब तक इनके घर के फंसे श्रमिक वापस नहीं आ जाते हैं, तब तक उनके परिजनों को कोई दिक्कत न हो. इसका विशेष ध्यान रखा जाए प्रशासन स्तर पर रखा जाए.
