Yogi Adityanath पर अखिलेश का तंज, कहा- मुख्यमंत्री मुम्बई में उद्योगपतियों के सामने शरणं गच्छामि होंगे

UP CM Yogi Adityanath Mumbai Tour उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मुम्बई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लखनऊ नगर निगम (म्युनिसिपल) बॉण्ड को सूचीबद्ध किए जाने के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे. सरकारी प्रवक्‍ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

UP CM Yogi Adityanath Mumbai Tour उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मुम्बई स्थित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लखनऊ नगर निगम (म्युनिसिपल) बॉण्ड को सूचीबद्ध किए जाने के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे. सरकारी प्रवक्‍ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष और उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज करते हुए कहा ”भारतीय जनता पार्टी की सरकार जश्नों की खुमारी में डूबी है और प्रदेश में धेले भर का भी निवेश नहीं है. लेकिन, इसके लिए मुख्यमंत्री मुम्बई में उद्योगपतियों के सामने शरणं गच्छामि होंगे. लोकतंत्र का इससे बुरा उपहास और क्या होगा.”

यहां जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, लखनऊ नगर निगम के 200 करोड़ रुपये के बॉण्ड को सूचीबद्ध किया जा रहा है. उत्तर भारत में किसी नगर निकाय द्वारा बॉण्ड जारी करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है. राज्‍य सरकार के प्रवक्‍ता ने बताया कि स्टॉक एक्सचेंज में नगर निगम बॉण्ड के सूचीबद्ध हो जाने से प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी.

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने से नगर निगम बॉंड की खरीद-फरोख्त सुनिश्चित हो सकेगी. लखनऊ नगर निगम बॉण्ड में निवेशकों की अच्छी रुचि रही. इसमें 10 साल की अवधि के लिये 8.5 प्रतिशत की अत्यंत आकर्षक कूपन दर प्राप्त हुई. यह किसी नगर निकाय द्वारा जारी नगर निगम बॉंड की दूसरी सबसे कम दर रही है. बॉंड के लिये निवेशकों से तय मात्रा के मुकाबले साढ़े चार गुना अधिक अभिदान प्राप्त हुये.

मंगलवार को समाजवादी पार्टी मुख्‍यालय से जारी विज्ञप्ति में पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज किया ”भाजपा सरकार के अब तक के कार्यकाल में प्रदेश के विकास का एक भी काम नहीं हुआ है और यह सरकार पूरी तरह विफल सरकार रही है. जनता भी इनकी जुमलेबाजी से भलीभांति परिचित हो गयी है.”

अखिलेश यादव ने कहा ‘‘आज किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं और नये कृषि कानूनों के कारण किसान अपनी खेती पर स्वामित्व खो देंगे तथा उन्हें कॉरपोरेट खेती के लिए मजबूर किया जाएगा. भाजपा सरकार ने जानबूझकर इसीलिए एमएसपी का प्रावधान नहीं रखा है. किसानों को अपनी फसल बड़े व्यापरियों के हाथों बेचने की मजबूरी होगी.” उन्‍होंने प्रधानमंत्री की ओर लक्ष्‍य करते हुए कहा कि उत्‍तर प्रदेश में एक्‍सप्रेसवे समाजवादियों की देन है.

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