Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में शव को पीठ पर बांधकर मोटरसाइकिल से ले जाने के मामले में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कार्रवाई की है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था. इसके बाद समाजवादी पार्टी ने सरकारी अस्पतालों में बदहाली को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया. जानकारी होने पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को मामले में एक्शन लिया. उन्होंने बताया कि जनपद औरैया के सीएचसी, बिधूना में शव को पीठ पर बांधकर मोटरसाइकिल से ले जाने संबंधी वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है. इसके आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षक और प्रकरण से संबंधित डॉक्टरों को भविष्य के लिए एक-एक प्रतिकूल प्रवष्टि देकर तत्काल वहां से हटाये जाने के आदेश मुख्य चिकित्सा अधिकारी, औरैया को दिये गए हैं. डिप्टी सीएम ने बताया कि इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा सुनिश्चितत करने के लिए आदेश जारी करने को भी कहा गया है. उधर समाजवादी पार्टी ने इस मामले में सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी की ओर से कहा गया कि औरैया के बिधूना में सीएचसी के बाहर बाइक पर बहन के शव को पीठ पर बांधकर घर ले जाने की खबर बेहद दुखद एवं इंसानियत को शर्मसार करने वाली है. विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक एंबुलेंस का इंतजाम न कर सका. पार्टी ने इसे शर्मनाक बताया.
करंट की चपेट में आने से हुआ हादसा
इस प्रकरण में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में बाबूराम मोहनलाल महाविद्यालय के पास नवीन बस्ती पश्चिमी में रहने वाली 20 वर्षीय अंजलि नहाने के लिए पानी गर्म करने के लिए कमरे में गई. जहां बाल्टी में इलेक्ट्रिक रॉड डाल रखी थी. इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गई. परिजन ने जब बाल्टी के पास अंजलि को पड़ा देखा तो वो उसे लेकर सीएचसी पहुंचे. जहां मौजूद चिकित्सक ने अंजलि को मृत घोषित कर दिया. युवती की मौत के बाद परिजन बिलख पड़े. डॉक्टर से बिना पोस्टमार्टम के शव घर ले जाने की बात कहकर बाहर निकले.
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बहन के शव को बाइक से घर ले गया भाई
अंजलि के भाई आयुष, पिता प्रबल व दूसरी बहन बाइक से थे. अंजलि की मौत ने इतना झकझोरा कि एंबुलेंस की ओर परिजन का ध्यान ही नहीं गया. इसके बाद आयुष बाइक पर बैठा. दूसरी बहन पीछे बैठी. बीच में पिता ने अंजलि का शव रखा. संतुलन नहीं बिगड़े, इसके लिए दुपट्टे से अंजलि का शव भाई आयुष ने पीठ पर बांध लिया. इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी रहीं. कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया.
सीएचसी अधीक्षक को मामले की जानकारी नहीं
उधर इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक की ओर से कहा गया है कि शव ले जाने के लिए वाहन मांगा जाता तो जरूर दिया जाता. अगर कोई वाहन नहीं होता है तो वाहन 100 शैया अस्पताल से मंगाकर कर शव घर भेजा जाता है. बाइक पर शव ले जाने के संबंध में जानकारी नहीं है. अगर कोई ऐसा मामला है तो जो जानकारी की जाएगी. हालांकि सीएचसी अधीक्षक की ये सफाई काम नहीं आई और बुधवार को उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.
