UPTET 2021 पेपर लीक: लखनऊ में सपा यूथ फ्रंटल का प्रदर्शन, हर कैंडिडेट को 5,000 रुपए देने की मांग

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UPTET 2021 पेपर लीक: लखनऊ में सपा यूथ फ्रंटल का प्रदर्शन, हर कैंडिडेट को 5,000 रुपए देने की मांग

UPTET 2021 पेपर लीक: लखनऊ में सपा यूथ फ्रंटल का प्रदर्शन, हर कैंडिडेट को 5,000 रुपए देने की मांग

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम से संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. सपा यूथ फ्रंटल और छात्रों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 2017 से बीजेपी सरकार आने के बाद लगातार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है.

UPTET 2021 Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी यूथ फ्रंटल ने यूपीटीईटी परीक्षा 2021 के पेपर लीक होने के मामले में सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 2017 से लेकर यूपीटीईटी 2021 के पेपर लीक को लेकर योगी सरकार से सवाल पूछे.

पेपर लीक के मुद्दे पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में नेताओं ने योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम से संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा. सपा यूथ फ्रंटल और छात्रों ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 2017 से बीजेपी सरकार आने के बाद लगातार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है.

सपा फ्रंटल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर को यूपीटीईटी 2021 की परीक्षा का पेपर सॉल्वर गैंग ने आउट कर दिया. जुलाई 2017 में दारोगा भर्ती, मार्च 2018 में पावर कारपोरेशन भर्ती, अप्रैल 2018 में यूपी पुलिस की भर्ती, 2018 में अपर अधीनस्थ सेवा की भर्ती, सितंबर 2018 में नलकूप ऑपरेटर भर्ती के अलावा अपर अधीनस्थ सेवा भर्ती, सिपाही भर्ती समेत कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट हुए हैं.

प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि यूपी सरकार के कारण छात्रों और युवाओं में अविश्वास पनप रहा है. बीजेपी सरकार में हर प्रतियोगी छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित है. किसी भी परीक्षा का पर्चा लीक होने से लाखों छात्रों को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

ज्ञापन में पेपर लीक के आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की गई है. इसके अलावा 15 दिनों के अंदर परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने को कहा गया है. यूपीटीईटी 2021 के हर परीक्षार्थी को 5,000 रुपए देने की मांग भी की गई.

इसके अलावा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल प्रभाव से भर्ती करने के निर्देश देने की मांग की गई. छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करने और 2017 में बीजेपी सरकार के आने के बाद प्रतियोगी छात्रों और छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग भी की गई है.

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By Prabhat khabar news desk

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