अयोध्या: 500 वर्ष की तपस्या के बाद भगवान श्रीराम अपने मंदिर में विराज गए. पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई. 84 सेकेंड के अभिजीत मुहूर्त में पूजा के बाद रामलला की आंखों से पट्टी खोली गई. उन्हें दर्पण दिखाया गया. इसके बाद आंख में सोने की सींक से काजल लगाया गया. रामलला के प्रथम दर्शन के साथ ही जयश्री राम का उद्घोष किया गया. मंदिर परिसर में हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की. पीएम मोदी ने श्री राम के चरणों में प्रणाम किया. इस दौरान वह राम की भक्ति में भाव-विभोर दिखे. पार्श्व में ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ भजन की धुन बज रही थी. मंदिर के गर्भ गृह का पूरा माहौल राममय हो गया था. वहां मौजूद सभी लोग भक्ति में अभिभूत थे.
इससे पहले तय समय पर पीएम मोदी ने पूजन सामग्री लेकर मंदिर में प्रवेश किया. मुहूर्त के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हुआ. पीएम के साथ गर्भ गृह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सीएम योगी आदित्यनाथ भी थे. श्री रामलला की मूर्ति के दाहिनी तरफ पीएम मोदी का आसन था. उनके बाएं तरफ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवान, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद थे. चांदी का छत्र व लाल कपड़ा लेकर पांच मंडपों का पार करते हुए पीएम मोदी गर्भ गृह तक पहुंचे. अंदर उन्हें पुजारी सुनील शास्त्री ने प्राण प्रतिष्ठा का संकल्प कराया. 12 बजकर 29 मिनट 08 सेकेंड पर प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू करके उसे 84 सेकेंड में सम्पन्न कराया. पीएम मोदी ने वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ भगवान श्री राम के चरणों में कमल का फूल चढ़ाया.
पीएम के बाद मोहन भागवत ने रामलाल के चरणों फूल चढ़ाया. इस दौरान शंखनाद होता रहा. सभी ने रामलला की मूर्ति की परिक्रमा की. पीएम मोदी ने परिक्रमा के बाद प्रभु को साष्टांग प्रणाम किया. गर्भ गृह से बाहर निकलकर उन्होंने मंदिर की सुंदरता को निहारा. मुख्य हॉल को भी उन्होंने घूमकर देखा. गर्भ गृह में स्वर्ण सिंहासन पर श्री रामलला विराजमान भी स्थापित किए गए हैं. उनकी भी साथ में पूजा अर्चना की गई. वहीं मंदिर परिसर में सेना के हेलीकॉप्टर ने फूल बरसाए. पीएम मोदी ने इस मौके पर एक्स पर कहा कि ‘अयोध्या धाम में श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है। इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है.’
बालक रामलाल श्यामल रंग में है. उनके चेहरे की मुस्कान मन मोहने वाली है. पीतांबर वस्त्र पहले रामलला के सिर पर जो मुकुट है, उसमें नौ रत्न जड़े हैं. कंठ में सुंदर रत्नों की माला, सोने का कमरबंद है. हाथों में धनुष बाण भी धारण किया है. इसके अलावा सोने का कवच-कुंडल भी धारण किया है. उनके शरीर पर अलग-अलग आभूषण एक अलग ही छटा बिखेर रहे हैं.
