बांग्लादेश से श्रावस्ती पहुंची 3 बच्चों की मां, प्रेमी को देख हुई हैरान, टिकटॉक पर हुआ था प्यार

बांग्लादेशी महिला दिलरुबा की दोस्ती टिकटॉक पर श्रावस्ती के भरथा रोशनगढ़ निवासी करीम से हुई थी. करीम को तलाशते हुए वह यहां पहुंची है. यहां करीम की पत्नी और परिवार के विरोध के बाद मामला थाने में पहुंच गया.

यूपी के श्रावस्ती में एक बांग्लादेशी महिला दिलरुबा शर्मी अपने अपने तीन बच्चों के साथ प्रेमी की तलाश में यहां पहुंच गई. दिलरुबा की दोस्ती टिकटॉक पर भरथा रोशनगढ़ के रहने वाले करीम से हुई थी. करीम को तलाशते हुए वह यहां पहुंची है. हालांकि यहां करीम की पत्नी और परिवार के विरोध के बाद मामला मल्हीपुर थाने पहुंच गया. जहां पर दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत हुई. इसके बाद दिलरुबा अपने बच्चों के साथ वापस अपने घर बांग्लादेश लौटने के लिए लखनऊ रवाना हो गई.

दरअसल, दिलरुबा शर्मी बांग्लादेश के राजन चटगांव की रहने वाली है. उसके 3 बच्चे हैं. उसके पति की कोरोना काल में देहांत हो गया था. जिसके बाद बच्चों की जिम्मेदारी भी दिलरुबा पर थी. इसी दौरान दिलरुबा को टिकटॉक पर वीडियो बनाने का शौक लग गया. उधर, श्रावस्ती के भरथा रोशनगढ़ का रहने वाला अब्दुल करीम बोहरान देश में एक बेकरी कंपनी में बिस्कुट बनाने का काम करता था.

वीडियो पोस्ट करने के बीच ही दिलरुबा की जान-पहचान अब्दुल करीम से हो गई. इस दौरान अब्दुल करीम ने खुद को अविवाहित बताते हुए दिलरुबा से दोस्ती कर ली. यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. दोनों साथ रहने का वादा भी करने लगे. यह कहानी फोन पर चैटिंग के साथ चलती रही.

बांग्लादेशी महिला दिलरुबा तीन बच्चों के साथ पहुंची श्रावस्ती

बता दें कि दिलरुबा शर्मी 30 सितंबर को सुबह अपनी बेटी संजीदा (15), बेटा मोहम्मद साकिब (12) और मोहम्मद रकीब (7) के साथ लखनऊ पहुंची. वहां से वह बस से बहराइच आई और यहां एक होटल में रुकी. इसके बाद जानकारी करते हुए वह करीम के के घर के भरथा रोशनगढ़ श्रावस्ती पहुंच गई. जब दिलरुबा यहां पहुंची, तो करीम शादीशुदा निकला. करीम की पत्नी को जब दिलरुबा ने अपने बारे में बताया, तो वह झगड़ा करने लगी. इसके बाद करीम के दूसरे घरवाले भी मारपीट पर उतारू हो गए. मामला आगे बढ़ने पर पुलिस के पास पहुंच गई. हालांकि, पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद दिलरुबा का वीजा भी वैध पाया है.

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बांग्लादेशी महिला दिलरुबा ने कही यह बात

दिलरुबा ने बताया कि जब मैं यहां पहुंची, तो मुझे पता चला कि करीम पहले से शादीशुदा है. वह 8 साल के एक बच्चे का बाप भी है. उसकी पत्नी का नाम शकीला बानो और बेटे का नाम मोहम्मद शादाब है. मैंने जब अपने बारे में उन्हें बताया तो उन लोगों ने मुझसे झगड़ा करना शुरू कर दिया. शकीला बानो ने जोखवा बाजार में अपने मायके वालों को भी बुला लिया. इसके बाद मामला एसएसबी और मल्हीपुर पुलिस तक पहुंच गया.

अब्दुल करीम शादीशुदा और झूठा है- दिलरुबा

दिलरुबा ने बताया कि मुझे नहीं पता था कि अब्दुल करीम शादीशुदा और झूठा है. मैं अपना प्यार तलाशने के लिए यहां आई थी. पर अब अपने बच्चों को लेकर ऐसे इंसान के साथ रह कर जीवन बर्बाद नहीं करूंगी. इसीलिए मैं वापस अपने घर जा रही हूं. वहीं इस मामले में थानाध्यक्ष मल्हीपुर धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि महिला बच्चों को लेकर ट्रैवल एजेंट के साथ लखनऊ गई है. जहां से टिकट कन्फर्म होते ही वह वापस बांग्लादेश चली जाएगी.

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Published by: Sandeep kumar

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