बसपा सुप्रीमो मायावती का जन्मदिन आज, सीएम योगी और अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी बधाई

बसपा सुप्रीमो मायावती का आज जन्मदिन है. इस अवसर पर बसपा कार्यालय को झंडी, बैनर और होर्डिंग से सजाया गया है. होर्डिंग में मायावती को आयरन लेडी बताया गया है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसपा सुप्रीमो मायावती को फोन कर जन्मदिन की बधाई दी. साथ ही कुशल क्षेम जाना.

बसपा सुप्रीमो मायावती का आज 68वां जन्मदिन है. इस अवसर पर बसपा कार्यालय को झंडी, बैनर और होर्डिंग से सजाया गया है. होर्डिंग में मायावती को आयरन लेडी बताया गया है. मायावती के जन्म दिवस पर 75 जिलों में बहुजन समाज पार्टी जनसभाएं करेगी. साथ ही नमो एप की तर्ज पर ‘बहन जी’ एप लॉन्च होगा. बसपा लोकसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरेगी. इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसपा सुप्रीमो मायावती को फोन कर जन्मदिन की बधाई दी. साथ ही कुशल क्षेम जाना. वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर उन्हें बधाई दी और कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. इसी तरह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी पत्र जारी कर मायावती को शुभकामनाएं दी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र लिखकर दी बसपा सुप्रीमो मायावती को बधाई
सीएम योगी ने ट्वीट कर दी बसपा सुप्रीमो मायावती को बधाई अखिलेश यादव ने ट्वीट कर दी बसपा सुप्रीमो मायावती को बधाई लोकसभा चुनाव में नहीं होगा गठबंधन- मायावती

वहीं बसपा मुखिया मायावती ने इस दौरान प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पार्टी ने यूपी में लोगों के हित में काम किए. उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि यूपी में उनकी सरकार के दौरान लाई गईं योजनाओं की नकल की जा रही है. फ्री राशन देकर गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि बसपा ने अपनी सरकार के दौरान लोगों को अपने पैरों पर खड़ा किया था . उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से केंद्र-राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की आड़ में राजनीति कर रही है. सांप्रदायिक राजनीति से गरीबों का भला नहीं होगा. लोगों को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है. इसके अलावा मायावती ने कहा कि गठबंधन में चुनाव लड़ने से बसपा को नुक़सान होता है. देश की अधिकांश पार्टियाँ बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती हैं. बता दें कि मायावती ईवीएम की धांधली पर बार बार बात करती रही हैं. मायावती यह संभावना भी जता रही हैं कि ईवीएम का सिस्टम कभी भी ख़त्म हो सकता है. हमारी पार्टी किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी लोकसभा के आमचुनाव अकेले इसलिए लड़ती है क्योंकि इसकी कमान एक दलित के हाथों में है. ईवीएम से चुनाव होने में धांधली होने लगी है. ऐसी धारणा है. हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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