UP News: लखनऊ में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है. काकोरी के उदितखेड़ा में शुरू हुए निजी ड्राइविंग टेस्ट सेंटर तक आवेदक कम पहुंच रहे हैं. इसका असर रोज बनने वाले डीएल की संख्या पर साफ दिख रहा है.
नए टेस्ट सेंटर में कम पहुंच रहे आवेदक
लखनऊ का पहला निजी ड्राइविंग टेस्ट सेंटर 14 सितंबर को काकोरी के उदितखेड़ा में शुरू हुआ था. यहां स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वाहन चलाने का टेस्ट देना अनिवार्य है. टेस्ट की पूरी प्रक्रिया कैमरों से रिकॉर्ड होती है. पहले ट्रांसपोर्टनगर और देवा रोड एआरटीओ कार्यालयों में रोजाना औसतन 275 स्थायी डीएल बनते थे. अब यह संख्या घटकर करीब 30 से 35 रह गई है.सेंटर शुरू होने के पहले दिन सिर्फ 32 आवेदक टेस्ट देने पहुंचे. इसके बाद भी संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हुई.
दूरी और फेल होने का डर बड़ी वजह
अधिकारियों के मुताबिक, आवेदकों के कम पहुंचने की एक बड़ी वजह सेंटर की दूरी है. काकोरी स्थित एडीटीसी ट्रांसपोर्टनगर एआरटीओ से करीब पांच से सात किलोमीटर दूर है. वहीं, देवा रोड एआरटीओ से इसकी दूरी करीब 40 किलोमीटर है. इसके अलावा टेस्ट में गलती होने पर फेल होने की आशंका भी आवेदकों को परेशान कर रही है. फेल होने वाले अभ्यर्थी सात दिन बाद दोबारा टेस्ट दे सकते हैं. इसके लिए उन्हें नया स्लॉट लेना होगा.
सेंसर से लैस है टेस्टिंग ट्रैक
सेंटर पहुंचने के बाद आवेदकों की गेट पर एंट्री होती है. इसके बाद उन्हें ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया टेस्टिंग ट्रैक का वीडियो दिखाया जाता है. सवालों के जवाब भी दिए जाते हैं. सेंटर पर सिम्युलेटर की सुविधा भी उपलब्ध है. डिजिटल टोकन मिलने के बाद आवेदक सेंसरयुक्त ट्रैक पर टेस्ट देते हैं.
जल्द बढ़ेगी टेस्ट देने वालों की संख्या
एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह के मुताबिक, एडीटीसी अभी नया शुरू हुआ है. इसलिए आवेदकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है. आरटीओ कार्यालय आने वाले लोगों को सेंटर के बारे में जानकारी दी जा रही है. विभाग की योजना लखनऊ में तीन और एडीटीसी शुरू करने की भी है. इसके बाद दूरी की समस्या कम होने की उम्मीद है.
इतने समय में पूरा करना होगा ड्राइविंग टेस्ट
- पैरलल पार्किंग: भारी वाहन 60 सेकेंड, हल्का वाहन 45 सेकेंड
- 8 ट्रैक: भारी वाहन 75 सेकेंड, हल्का वाहन 45 सेकेंड
- ग्रेडिएंट: भारी वाहन 60 सेकेंड, हल्का वाहन 45 सेकेंड
- रिवर्स एस: भारी वाहन 120 सेकेंड, हल्का वाहन 50 सेकेंड
- दो पहिया वाहन: ड्राइविंग टेस्ट के लिए 90 सेकेंड
