Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर घटना में अंकित दास का नाम सामने आने से यह मामला और भी पेचीदा हो चला है. बताया जा रहा है कि किसानों को रौंदने वाली दूसरी कार उन्हीं की है. दिवंगत कांग्रेस सांसद अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास भाजपा के समर्थक हैं. अजय मिश्रा और आशीष मिश्रा से उनके गहरे रिश्ते हैं. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आगमन पर 3 अक्टूबर को लखीमपुर में कई जगहों पर आशीष मिश्रा और अंकित दास की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए गए थे.
रविवार की घटना में चार किसानों की मौत के बाद लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसान प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर एक महिंद्रा थार और एक टोयोटा फॉर्च्यूनर सहित तीन वाहनों को कथित तौर पर दिखाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. घायल प्रदर्शनकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (MoS) अजय मिश्रा के बेटे आशीष (मोनू) थार में बैठे थे.
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अब एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें एक पुलिसकर्मी एक ऐसे व्यक्ति से पूछताछ करते हुए दिखाई दे रहा है, जो दावा करता है कि वह दूसरी कार (टोयोटा फॉर्च्यूनर) में बैठा था, जिसमें पांच लोग सवार थे. उन्होंने दावा किया कि कार अंकित दास की थी. खबरों के मुताबिक अंकित कांग्रेस के दिवंगत पूर्व सांसद अखिलेश दास के भतीजे हैं. यह वीडियो भाजपा के सदस्यों द्वारा लखीमपुर खीरी घटना के पीछे कांग्रेस की साजिश का आरोप लगाने के लिए प्रसारित किया जा रहा है.
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भाजपा से अमित मालवीय और प्रीति गांधी द्वारा किए गए ट्वीट्स में विचारोत्तेजक प्रश्न हैं, “लखीमपुर में कांग्रेस के नेता क्या कर रहे थे? दूसरी तरफ, शहजाद पूनावाला ने वीडियो ट्वीट कर सवाल किया, ‘कांग्रेस अखिलेश दास के भतीजे काफिले में क्यों थे?
https://twitter.com/amitmalviya/status/1445728188730994688
अंकित दास के सोशल मीडिया अकाउंट से कई बार भाजपा सम्बंधित पोस्ट किये गए हैं. एक पोस्ट में उन्होंने केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन के अवसर पर तस्वीरें साझा कीं और उन्हें अपना ‘गाइड’ कहा है. उन्होंने कई बार अजय मिश्रा के साथ तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें उनके आवास पर अन्य भाजपा नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें भी शामिल हैं. एक पोस्ट में वह आशीष को ‘प्रिय मित्र’ कहते हैं.
अंकित ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर कांग्रेस या उसके नेताओं की तारीफ करते हुए कभी कोई पोस्ट नहीं की है. उनका खाता भाजपा के साथ उनकी राजनीतिक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण करता है. उन्होंने 21 सितंबर को अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पहला पोस्ट किया और अगले ही दिन उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए एक पोस्टर शेयर किया था. आशीष मिश्रा और बीजेपी लखीमपुर नाम के एक ट्विटर अकाउंट ने भी भाजपा के कार्यक्रमों में अंकित के साथ तस्वीरें अपलोड की हैं.
अंकित अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के उपाध्यक्ष के रूप में भी एक पहचान रखते हैं. यह एक संगठन है जो खुले तौर पर भाजपा का समर्थन करता है. पार्टी के शीर्ष नेताओं के वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय सम्मेलनों में वक्ताओं के रूप में भाग लेने के वीडियो हैं.
भाजपा नेता और समर्थक इस बात को उजागर करने में लगे हैं कि अंकित कांग्रेस के पूर्व दिवंगत नेता अखिलेश दास के भतीजे हैं जो पहले बसपा में थे, लेकिन सोशल मीडिया के मुताबिक, अंकित आशीष के खास दोस्त हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छपने की शर्त पर प्रभात खबर को बताया है कि घटना में शामिल फॉर्च्यूनर उनके नाम पर रजिस्टर्ड है.
(रिपोर्ट- उत्पल पाठक, लखनऊ)
