Ayodhya Ram Mandir: बिहार के कलाकार ने 14 लाख दीयों से बनाई प्रभु श्रीराम की तस्वीर

अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में 14 लाख रंगीन दियों से प्रभु श्रीराम व राम मंदिर की भव्य आकृति उकेरी गई. इसकी विश्व कीर्तिमान की दावेदारी परखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी वहां मौजूद रही.

अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की घड़ी ज्यो-ज्यो नजदीक आ रही है वैसे ही रामनगरी में उत्सवों का क्रम प्रारंभ हो गया है. इसी क्रम में अयोध्या में स्थित विश्व के सबसे बड़े साकेत महाविद्यालय में शनिवार को 14 लाख रंगीन दियों से प्रभु श्रीराम व राम मंदिर की भव्य आकृति उकेरी गई. इसकी विश्व कीर्तिमान की दावेदारी परखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम भी वहां मौजूद रही. इस कलाकृति को बिहार के मोजेक कलाकार अनिल कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बनाया है. वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट करके बताया कि भगवान राम की उनके ‘पराक्रमी रूप’ और अयोध्या में बन रहे नए मंदिर की आकृति 14 लाख रंगीन दीयों का इस्तेमाल करके बनाई गई है. कलाकृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों को भी दर्शाया गया है. इन आकृतियों में दीयों का उपयोग करके ‘जय श्री राम’ लिखा हुआ है.

केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में बिहार से अयोध्या पहुंची यात्रा

बता दें कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के नेतृत्व में बिहार के बक्सर से श्रीराम अभ्युदय यात्रा और भागलपुर से श्रीराम आविर्भाव यात्रा शनिवार को अयोध्या पहुंची. कई जगह पर इस यात्रा का स्वागत किया गया. यात्रा में केंद्रीय मंत्री के साथ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह व भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री व अयोध्या महोत्सव न्यास के अध्यक्ष हरिश श्रीवास्तव मौजूद रहे. कार्यक्रम स्थल पर कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दी. भजन गायिका स्वाति मिश्रा के लोकप्रिय गीत राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी गाकर वहां मौजूद श्रोताओं का मन मोह लिया. बता दें पिछले दिनों पीएम मोदी ने स्वाति मिश्रा के इस भजन को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ट्वीट करके सराहना की थी. वहीं केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि यह कलाकृति बिहार के कलाकारों के एक समूह ने पिछले 5 से 7 दिन में बनाई है. श्री राम 14 साल के वनवास के बाद लौटे थे और अयोध्या में भगवान राम की उनके ‘पराक्रमी रूप’ में एक आकृति बनाई गई थी. यह नए भारत के युवाओं को यह संदेश देने के लिए है कि उन्हें ‘पराक्रमी’ होना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास व विरासत के संवर्द्धन का अमृतकाल है. विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी सजाया व संवारा जा रहा है. अयोध्या में 550 साल का अंधेरा छंटा है. आविर्भाव यात्रा का भरपूर आशीर्वाद जनता का मिला है. बिहार में जहां जहां भगवान श्रीराम के चरण पड़े वहां से मिट्टी, जल एकत्रित किया गया है. जिसे अयोध्या पहुंचाकर भगवान की पूजा के लिए समर्पित किया गया. भगवान श्रीराम का बिहार से अटूट संबंध रहा है. जो राम व रामचरित मानस का विरोध कर रहे हैं, वे भारत की पौराणिक संस्कृति, सभ्यता व करोड़ों सनातनियों को अपमानित करने का काम कर रहे हैं.

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Author: Sandeep kumar

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