Akshaya Tritiya 2023: अक्षय तृतीया 23 अप्रैल को, यहां जानिए शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और महत्व

Akshaya Tritiya 2023: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व है. इस साल 2023 में अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर लोग परेशान हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया अक्षय तृतीया 23 अप्रैल को है. आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में.

Akshaya Tritiya 2023: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व है. यह हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष के तृतीया तिथि को ही मनाया जाता है. अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी और प्रभु विष्णु की पूजा होती है. इस साल 2023 में अक्षय तृतीया की तारीख (Akshaya Tritiya 2023 Date) को लेकर लोग परेशान हैं. सबसे ज्यादा गूगल पर अक्षय तृतीया कब है लोग सर्च कर रहे हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया अक्षय तृतीया 23 अप्रैल 2023 को है. आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में.

अक्षय तृतीया 2023 कब है (Akshaya Tritiya 2023)

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया अक्षय तृतीया की तारीख को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस साल 2023 में अक्षय तृतीया 22 अप्रैल 2023 दिन शनिवार से शुरू है और अगले दिन 23 अप्रैल 2023 दिन रविवार को समाप्त हो रहा है. ऐसे में अक्षय तृतीया 23 अप्रैल को ही है.

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त 2023

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. कहा जाता है अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में कभी धन की कमी नहीं होती है. धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार अक्षय तृतीया का शुभ मुहूर्त (Akshaya Tritiya 2023 Shubh Muhurt) शनिवार 22 अप्रैल 2023 सुबह 7 बजकर 49 मिनट से शुरू है और अगले दिन 23 अप्रैल 2023 दिन रविवार को सुबह 7 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हो रहा है. इसी शुभ मुहूर्त में ही पूजा करें.

अक्षय तृतीया पूजा विधि 2023 (Akshaya Tritiya 2023 Puja Vidhi)

पंडित धीरेंद्र शास्त्री के अनुसार अक्षय तृतीया पूजा विधि के लिए इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाए. और उठने के बाद स्नान करें. इसके बाद साफ वस्त्र पहने. फिर घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. साथ ही सभी देवी देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें. ध्यान रहें अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करें. इस दिन माता लक्ष्मी को लाल रंग वाला गुड़हल का फूल चढ़ाएं. और प्रभु विष्णु को कमल ही फूल चढ़ाएं. भोग में माता लक्ष्मी और प्रभु विष्णु को पीले रंग के मिठाई लगाएं.

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अक्षय तृतीया महत्व 2023

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है. क्योंकि इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है. अक्षय तृतीया के दिन किए जाने वाले सभी काम सफल होता है. धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन गरीबों के बीच दान पुण्य करने से घर में सुख शांति और धन की बरसा होती है. इस दिन लोगों को सोने की कोई वस्तु जरूर खरीदनी चाहिए.

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Author: Shweta Pandey

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