योगी राज में ''माया'' पर आफत, 2010-11 में गन्ना मिलों की बिक्री में हुए घोटाले की होगी जांच

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने जब से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है तब से उन्होंने कई बड़े फैसले लिये हैं. योगी अपने फैसलों पर ताबड़तोड़ काम भी कर रहे हैं. फिलहाल योगी के एक फैसले से यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी प्रमुख मायाव‍ती के लिए बड़ी संकट आने वाली है. […]

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने जब से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है तब से उन्होंने कई बड़े फैसले लिये हैं. योगी अपने फैसलों पर ताबड़तोड़ काम भी कर रहे हैं. फिलहाल योगी के एक फैसले से यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी प्रमुख मायाव‍ती के लिए बड़ी संकट आने वाली है. उन्होंने मायावती के कार्यकाल के दौरान चीनी मिलों को बेचने में कथित घोटाले की जांच का आदेश दे‍ दिया है.

योगी सरकार के इस फैसले से मायावती पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. जांच के आंच मायावती तक पहुंच सकती है. सीएम योगी ने 2010-11 में यूपी में 21 चीनी मिलों को बेचने में करीब 1100 करोड़ रुपये के घाटे की गहन जांच के आदेश दे दिये हैं. सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो मामले की जांच सीबीआई से करा सकती है.

योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी संपत्ति को औने-पौने दामों पर बेचने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा, इसके अलावा जनता की संपत्ति का किसी भी प्रकार से दुरूपयोग होने नहीं दिया जाएगा.
योगी आदित्यनाथ ने गन्ना किसानों के बकाये भुगतान के लिए गन्‍ना मिल मालिकों को समय सीमा दे दिया है. योगी ने कहा है कि हर हाल में 23 अप्रैल तक गन्ना किसानों के बकाये भुगतान हो जाने चाहिए नहीं तो कार्रवाई की जाएगी.
दूरदर्शन के साथ अपनी पहली बातचीत में योगी ने कहा, कि कैबिनेट बैठक में तय किया गया कि गन्ना किसानों को 23 अप्रैल तक बकाया भुगतान हर हाल में हो जाना चाहिए. ऐसा न करने वाले मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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