लखनऊ: उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की कल देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गयी. पीड़िता को तब अभियुक्तों ने जला दिया था जब वो केस की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी. इस बीच खबर आई है कि पीड़िता का शव उन्नाव स्थित उसके गांव ले जाया गया.
विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे अखिलेश
इस बीच यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानसभा के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए. अखिलेश पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्नाव घटना के विरोध में जमीन पर बैठ कर धरना दे रहे हैं. गौरतलब है कि उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 23 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को गुरुवार तड़के पांच लोगों ने आग के हवाले कर दिया था.
आरोपियों में से दो के खिलाफ पीड़िता ने बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था. करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को विमान से लखनऊ से दिल्ली ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी.
दुष्कर्म की घटनाओं पर राज्य सरकार को घेरा
विधानसभा भवन के बाहर धरने पर बैठे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये अत्यंत निंदनीय घटना है. ये एक काला दिन है. बीजेपी सरकार के तहत ये कोई पहली घटना नहीं है. सीएम ने विधानसभा में चर्चा के दौरान कहा था कि अपराधियों को ठोक दिया जाएगा लेकिन वे एक बेटी की जान नहीं बचा पाए.
अखिलेश यादव ने दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि जब तक उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्य के गृह सचिव और डीजीपी इस्तीफा नहीं देते तब तक न्याय नहीं मिलेगा. अखिलेश यादव ने बताया कि कल हम उन्नाव बलात्कार मामले को लेकर राज्य के सभी जिलों में शोक सभा करेंगे.
