उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मैराथन सत्र देर रात समाप्त, सीएम योगी ने विपक्ष को कहा-धन्यवाद

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानमंडल का 36 घंटे लंबा चला मैराथन सत्र गुरुवार देर रात संपन्न हुआ. यह सत्र दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ था. विधानमंडल के दोनों सदनों ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें उन सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रभावी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 4, 2019 9:39 AM

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानमंडल का 36 घंटे लंबा चला मैराथन सत्र गुरुवार देर रात संपन्न हुआ. यह सत्र दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ था. विधानमंडल के दोनों सदनों ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें उन सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात की गई जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र में तय किए गए हैं.

विधानसभा और विधान परिषद में समान प्रस्ताव पारित किए गए और इस तरह 36 घंटे लगातार चला सत्र संपन्न हो गया. जब विधानसभा की कार्यवाही चल रही थी, उस समय कार्यवाही स्थगन के बाद विधान परिषद के सदस्य भी वहां आ गए और दोनों सदनों की संयुक्त बैठक जैसा नजारा सामने आया.

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि इसे संयुक्त सत्र या संयुक्त बैठक के रूप में न लिया जाए. विधान परिषद के सभापति रमेश यादव भी कार्यवाही के दौरान बैठे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब डेढ़ घंटे सदन को संबोधित किया. बाद में विधानसभा और विधान परिषद की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.

योगी आदित्यनाथ में दोनों सदनों के सदस्यों को सूचित किया कि लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कौन सी समितियां बनाई गई हैं. योगी ने अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का धन्यवाद किया जो इस विशेष सत्र में शामिल होने के लिए आए थे

सतत विकास लक्ष्यों पर हुई अनवरत चर्चा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां विधान मंडल के विशेष सत्र के तहत समवेत सदन के समापन सम्बोधन में कहा कि पिछले 36 घण्टों में सतत विकास के लक्ष्यों से सम्बन्धित ज्वलन्त मुद्दों पर अनवरत चर्चा हुई और यह देश के लोकतंत्र की अद्भुत घटना है. योगी ने दो अक्टूर को 150वीं गांधी जयंती पर शुरू हुए सत्र के समापन पर कहा कि इस विशेष सत्र में दोनों सदनों में सदस्यों ने अपने विचार रखे.
विधान सभा में 149 और विधान परिषद में 67 सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे. शिवपाल सिंह यादव, अदिति सिंह सहित विपक्षी नेताओं ने भी सदन की कार्यवाही में भाग लिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनप्रतिनिधियों के सामने समाज में विश्वास का संकट है.
ऐसे वातावरण में 36 घंटे तक सतत विकास लक्ष्यों पर अनवरत चर्चा करना एक अद्भुत घटना है, जिसे मीडिया ने भी हाथों-हाथ लिया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है. इसे बाधित करने पर अराजकता की स्थिति बनती है. शासन की विभिन्न शैलियों में लोकतंत्र सबसे लोकप्रिय और स्वीकार्य है. उन्होंने कहा कि इस चर्चा के दौरान दोनों सदनों में सदस्यों ने खुलकर बातें रखीं और इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है.