UP News: युवा संसद के दौरान छात्राओं से अभद्रता और छेड़खानी के आरोपों में निलंबित पांच छात्रों को अपना पक्ष रखने का मौका मिला. गुरुवार को सभी छात्र आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के सामने पेश हुए. अब समिति की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
ICC के सामने छात्रों ने रखी अपनी बात
लखनऊ विश्वविद्यालय के एपीसेन सभागार में आयोजित युवा संसद के दौरान छात्राओं से कथित अभद्रता और छेड़खानी के मामले में पांच छात्रों को निलंबित किया गया था. निलंबन के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई थी. बुधवार को साथी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन और हंगामा किया था.
कुलपति ने दिया पक्ष रखने का मौका
मामले को लेकर छात्रों की ओर से अपना पक्ष रखने की मांग की गई थी. इसके बाद कुलपति ने उन्हें सुनवाई का अवसर देने का निर्णय लिया. इसी क्रम में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे पांचों निलंबित छात्र ICC के सामने पेश हुए. छात्रों ने समिति के समक्ष मामले को लेकर अपनी बात रखी.
रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
आंतरिक शिकायत समिति अब छात्रों की ओर से रखे गए पक्ष और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. ICC की चेयरपर्सन यह रिपोर्ट कुलपति को भेजेंगी. इसके बाद ही छात्रों के निलंबन को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
विश्वविद्यालय ने कार्रवाई पर क्या कहा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने बताया कि ICC की रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है. रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल छात्रों का पक्ष समिति के सामने दर्ज हो चुका है. अब अगली प्रक्रिया ICC की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी.
