Lucknow News : अकबरनगर में आधी रात में गरजा बुलडोजर, दुकानों के बेसमेंट को मलबे से भरा गया

Lucknow News : लखनऊ के अकबर नगर में दुकानों में बने बेसमेंट की वजह से परेशानी हो रही थी. ऐसे में पहले उनको मलबे से भरा गया. फिर बुधवार की रात एक बार दुबारा दुकानों को तोड़ने के लिए बुलडोजर चलाया गया.

Lucknow News : लखनऊ के अकबर नगर में बुधवार की रात एक बार फिर से दुकानों को तोड़ने के लिए बुलडोजर चलाया गया. मंगलवार की सुबह 4.00 बजे तक अभियान चलाने के बाद भी कई दुकानों को पूरी तरह से समतल नहीं किया जा सका था. दुकानों में बने बेसमेंट की वजह से परेशानी हो रही थी. ऐसे में पहले उनको मलबे से भरा गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान 70 डंपर मिट्टी और अन्य मलबा मंगाया गया था. दिन में यहां आवाजाही के लिए ट्रैफिक संचालन शुरू कर दिया गया था. ऐसे में रात को बैरिकेडिंग कर कार्रवाई शुरू कर गई. यह बुलडोजर उन्हीं 24 दुकानों पर चला है जो छूट गए थे. इस दौरान एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह समेत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ग्राम महानगर रहीमनगर की खसरा संख्या-746 क्षेत्रफल 0.696, खसरा संख्या-739 क्षेत्रफल 0.215 व खसर संख्या-777 क्षेत्रफल 0.556 है. जो राजस्व अभिलेखों में नगर निगम की सम्पत्ति है. यहां अवैध तरीके से 5087 वर्गमीटर में दुकानें बना ली गई थी. दुकानें मुख्य मार्ग के दोनो तरफ थी. अब यह जमीन नगर निगम को मिल गई है. मौजूदा समय इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक की है. बुधवार रात को भी कार्रवाई पूरी होने तक नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, एलडीए उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी पूरी टीम के साथ डटे रहे.

कोर्ट में दुकानदार नहीं दिखा पाए थे जमीन के कागज

​​​​​​​बता दें कि नगर निगम की टीम को ताज महल और सम्राट फर्नीचर तोड़ने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई. ऐसे में दोनों ही दुकानों पर बुधवार को सबसे पहले बुलडोजर चला. यहां बेसमेंट होने की वजह से बुलडोजर नीचे जा रहा था. इसके लिए करीब 32 डम्फर मलबा बेसमेंट में भरा गया इसके बाद पूरे शोरूम को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. ताज फर्नीचर, सम्राट फर्नीचर, बाम्बे फर्नीचर, स्टार, एसबी स्टील समेत अन्य दुकानों को बुलडोजर से धराशायी कर दिया गया. अदालत में प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ दुकान मालिकों ने याचिका दायर की थी. दुकानदारों ने जीएसटी, टैक्स रिटर्न के कागज दिखाकर कार्रवाई के खिलाफ आपत्ति जताई थी. लेकिन जब कोर्ट ने जमीन के कागज मांगे तो कोई भी दुकान मालिक कागज नहीं दिखा पाया था.

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Published by: Sandeep kumar

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