"गोबर के छींटे और मरी मक्खियां", लखनऊ में भैंसों के तबेले में बन रही थी रक्षाबंधन की मिठाई , जानिए पूरा सच

UP News: रक्षाबंधन से पहले लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक मिठाई की दुकान पर छापेमारी की, जहां चौंकाने वाला सच सामने आया। भैंसों के तबेले में मिठाई बन रही थी, साथ ही गंदे पानी और मरी हुई मक्खियों का अंबार लगा था।

UP News: रक्षाबंधन पर घर ले जाने के लिए मिठाई खरीदने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें. लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में मिठाई की एक दुकान का ऐसा सच सामने आया, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. जहां मिठाइयां तैयार हो रही थीं, वहीं भैंसें बंधी थीं. आसपास मक्खियां भिनभिना रही थीं और गंदा पानी जमा था. जांच के दौरान करीब 1000 लीटर दूषित घोल भी मिला, जिसमें मरी हुई मक्खियां पाई गईं.

मिठाई की दुकान में घुसी FDA टीम तो सामने आया चौंकाने वाला नजारा

मामला काकोरी के हरदोईया लालनगर इलाके का है. यहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिवाछी स्वीट्स पर छापेमारी की. टीम दुकान के निर्माण स्थल पर पहुंची तो वहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली. मिठाइयां खुले में रखी थीं. आसपास गंदा पानी जमा था और मक्खियां भिनभिना रही थीं. पास की खुली नाली में भी गंदा पानी मिला. दीवारों पर सीलन थी.

जहां मिठाई बन रही थी, वहीं बंधी थीं भैंसें

जांच के दौरान टीम को सबसे हैरान करने वाला नजारा निर्माण स्थल पर मिला. वहां बड़ी संख्या में भैंसें बंधी थीं. अधिकारियों के मुताबिक, भैंसों के गोबर के छींटे तैयार मिठाइयों तक पहुंच रहे थे. यानी जिस जगह रक्षाबंधन के लिए मिठाइयां तैयार की जा रही थीं, उसी जगह पशु भी बंधे थे. खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति बेहद गंभीर मानी गई.

1000 लीटर घोल में मिलीं मरी हुई मक्खियां

छापेमारी के दौरान गंदे प्लास्टिक के ड्रमों में करीब 1000 लीटर घोल मिला. इसमें मिल्क पाउडर, चीनी और पानी का मिश्रण था. अधिकारियों के मुताबिक, इस घोल में मरी हुई मक्खियां भी मिलीं. इसके अलावा करीब 1675 किलो तैयार मिठाइयां भी मौके पर मिलीं. इनमें लगभग 1000 किलो कलाकंद, 350 किलो वर्क लगी चिकनी बर्फी, 300 किलो डोडा बर्फी और पेड़ा शामिल था.

खुले में रखी थीं 1675 किलो मिठाइयां

जांच टीम के मुताबिक, तैयार मिठाइयां खुले में रखी थीं. इनके आसपास कीड़े-मकौड़े भी मौजूद थे. टीम को मौके से सेफोलाइट, फिटकरी और संदिग्ध सफेद क्रिस्टल पाउडर भी मिला. अधिकारियों ने इन पदार्थों के मिठाइयों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई है. इनके इस्तेमाल को लेकर जांच की जा रही है.

लाइसेंस सिर्फ बिक्री का, फिर भी चल रहा था बड़ा निर्माण

जांच में सिर्फ गंदगी ही नहीं, बल्कि लाइसेंस से जुड़ी अनियमितता भी सामने आई. प्रतिष्ठान के पास केवल खुदरा बिक्री का लाइसेंस था. इसके बावजूद वहां बड़े स्तर पर मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था. दुकान में काम करने वाले करीब 25 कर्मचारियों का मेडिकल टेस्ट भी नहीं कराया गया था. इसके अलावा ग्लव्स और हेड कैप जैसे जरूरी सुरक्षा उपाय भी नहीं अपनाए जा रहे थे.

2675 किलो दूषित माल नष्ट करने के लिए चिन्हित

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई के दौरान 2675 किलो दूषित माल को नष्ट करने के लिए चिन्हित किया है. करीब 686 किलो कच्चा माल भी जब्त किया गया है. इसकी कीमत 79 हजार रुपये से अधिक बताई गई है. विभाग ने मौके से 15 सैंपल लिए हैं. सभी सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. कार्रवाई के बाद यूनिट का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया.

रक्षाबंधन से पहले सवाल—मिठाई खरीदते वक्त सावधानी जरूरी

रक्षाबंधन से पहले हुई इस कार्रवाई ने मिठाइयों की गुणवत्ता और दुकानों में साफ-सफाई पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. खासकर त्योहार के दौरान जब मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, ऐसे में ग्राहकों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है. फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए गए 15 सैंपलों की लैब रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने के बाद मिठाइयों में इस्तेमाल सामग्री को लेकर तस्वीर और साफ होगी.

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By खुशी सिंह

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