उत्तर प्रदेश में सावन के महीने के साथ ही पावन कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है. इस दौरान मुजफ्फरनगर को अतिसंवेदनशील क्षेत्र मानते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं. कांवड़ मार्ग पर आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की स्पेशल टीमों की तैनाती कर दी गई है. इसके साथ ही पूरी यात्रा पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और हजारों सीसीटीवी का इस्तेमाल किया जा रहा है.
योगी सरकार के मंत्रियों का कड़ा संदेश शांति भंग करने वालों को मिलेगी सख्त सजा
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता रोकने के लिए सरकार के मंत्रियों ने सख्त रुख अपनाया है. योगी सरकार के मंत्रियों का स्पष्ट कहना है कि आस्था के इस पर्व में विघ्न डालने वाले या माहौल खराब करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार ने चेतावनी दी है कि कांवड़ियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन उपद्रवियों से बेहद सख्ती से निपटेगा.
चप्पे-चप्पे पर पहरा, डायनेमिक ड्यूटी सिस्टम और बम निरोधक दस्ता एक्टिव
मुजफ्फरनगर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी, एटीएस और बम निरोधक दस्तों की विशेष टुकड़ियां तैनात हैं. सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को सुपर जोन और सेक्टरों में बांटा गया है. पुलिसकर्मियों की निगरानी के लिए डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है. संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के लिए एटीएस और खुफिया एजेंसियां लगातार गश्त कर हर स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं.
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