UP News : GSVM मेडिकल कॉलेज और LLR अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की तैयारी शुरू हो गई है. शासन ने मेडिकल कॉलेज से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. सबसे अहम 183 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नौ मंजिला ओपीडी ब्लॉक है, जिसे एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. इसके अलावा मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल में 49 करोड़ रुपये से नया चेस्ट ब्लॉक और 48.5 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च लैब भी बनाई जाएगी. इन परियोजनाओं के पूरा होने से मरीजों को बेहतर इलाज के साथ मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं को भी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
183 करोड़ से बनेगा नौ मंजिला ओपीडी ब्लॉक
नया ओपीडी ब्लॉक करीब 4500 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा. नौ मंजिला इस भवन को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना है. इसमें अलग-अलग विभागों की विशेष ओपीडी संचालित होगी, जिससे मरीजों को एक ही परिसर में कई विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी. ब्लॉक में सर्जरी, मेडिसिन, बाल रोग, नेत्र, ईएनटी और हड्डी रोग समेत कई विभागों की ओपीडी होगी. इसके साथ ही डे-केयर सर्जरी की सुविधा, निजी कमरे, लेक्चर रूम और वार्ड भी बनाए जाएंगे. इससे मरीजों के इलाज के साथ मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को भी बेहतर माहौल मिलेगा.
चेस्ट अस्पताल में 49 करोड़ से बनेगा नया ब्लॉक
मुरारी लाल चेस्ट चिकित्सालय में करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से चेस्ट ब्लॉक तैयार किया जाएगा. इसमें चेस्ट रोगियों के लिए ओपीडी और इमरजेंसी की सुविधा होगी. साथ ही माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी लैब भी बनाई जाएगी. नये ब्लॉक में 20 बेड का आइसीयू और 20-20 बेड के पांच वार्ड प्रस्तावित हैं. मरीजों की जांच के लिए डिजिटल एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और सी-आर्म जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाएंगी.
48.5 करोड़ से बनेगी रिसर्च लैब
GSVM मेडिकल कॉलेज में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 48.5 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च लैब बनाने की योजना है. इसके अलावा एक करोड़ रुपये से हैवी मेटल जांच लैब भी तैयार की जाएगी. इस लैब में खून में मौजूद भारी तत्वों की जांच की जा सकेगी. जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के भूगर्भ जल में मौजूद हैवी मेटल की भी जांच की जा सकेगी. इससे स्वास्थ्य संबंधी शोध और बीमारियों की पहचान में मदद मिलने की उम्मीद है.
हॉस्टल और पैरामेडिकल भवन को भी मंजूरी
मेडिकल कॉलेज में सिर्फ इलाज और शोध सुविधाओं का विस्तार ही नहीं होगा, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों के लिए भी नए भवन बनाए जाएंगे. पीजी मैरिड हॉस्टल, यूजी गर्ल्स हॉस्टल, पैरामेडिकल भवन, वाटर लाइन और आवासीय भवनों के निर्माण की योजनाओं को भी मंजूरी मिली है.
DPR तैयार होने के बाद शुरू होगा निर्माण
शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब सभी परियोजनाओं का डीपीआर तैयार कराया जाएगा. इसके बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी. परियोजनाओं के पूरा होने पर LLR अस्पताल और GSVM मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने के साथ मेडिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है.
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