UP NEWS: योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रशिक्षण सत्र के दौरान डीआईजी ट्रेनिंग देव रंजन वर्मा ने गोरखपुर मंडल के 450 पुलिसकर्मियों को कार्यशैली सुधारने के गुर सिखाए. उन्होंने जोर दिया कि जो बर्ताव खुद के लिए सही न लगे, वह आम जनता के साथ भी कभी न करें. वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चेहरे के हाव-भाव और मुस्कान से फरियादियों की आधी परेशानियां आसानी से दूर हो जाती हैं. इसके साथ ही उन्होंने टोका-टोकी की आदत को व्यवहारिक सुधार के लिए अत्यंत आवश्यक बताया.
पुलिसिंग में सेवा भाव और मानवीय दृष्टिकोण आवश्यक
कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी एसपी डॉ. रेखा बाजपेयी ने उपस्थित जवानों को ड्यूटी के दौरान सेवा भाव अपनाने के व्यावहारिक तरीके समझाए. उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से बातचीत की सही शैली और मधुर संवाद से समस्याएं हल करने का महत्व बताया. डीआईजी ने सांस्कृतिक संवेदनशीलता, समानता और मानवीय मूल्यों के प्रति सम्मान का पाठ पढ़ाया. उन्होंने कहा कि पुलिस की सकारात्मक छवि और जनता का विश्वास केवल 'रौब' से नहीं बल्कि संवेदनशील कार्यप्रणाली से ही हासिल किया जा सकता है.
कानून व्यवस्था बनाए रखने और जन-मित्र पुलिसिंग का संकल्प
गोष्ठी के समापन अवसर पर डीआईजी ट्रेनिंग ने पुलिस बल को आम जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने की सीख दी. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि थानों में आने वाले हर पीड़ित की बात गंभीरता से सुनी जाए. पुलिसकर्मियों को सलाह दी गई कि अनुशासित आचरण और त्वरित कार्रवाई से ही समाज में सुरक्षा का माहौल कायम किया जा सकता है. इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक जन-उन्मुख बनाना है.
