UP News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले के बीच IAS अधिकारी अंजनेय कुमार सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर तैनात अंजनेय सिंह अब केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले हैं. रिपोर्टों के मुताबिक उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला है और उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए रिलीव कर दिया है. अंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के IAS अधिकारी हैं. रामपुर के जिलाधिकारी रहते हुए वह आजम खान से जुड़े कई मामलों में की गई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आए थे. बाद में उनका तबादला मुरादाबाद मंडलायुक्त के पद पर हुआ.
जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों का मामला भी बना चर्चा का केंद्र
अंजनेय सिंह के कार्यकाल के अंतिम दौर में जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों से जुड़ा मामला भी खासा चर्चित रहा. रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को कथित रूप से बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण बताते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी की ओर से अपील की गई थी. मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत ने जुलाई में इस मामले में अंतरिम राहत देते हुए 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी. अंजनेय कुमार सिंह ने उस समय कहा था कि अंतिम फैसला सभी पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद लिया जाएगा.
रामपुर में आजम खान से टकराव के बाद चर्चा में आए थे
अंजनेय कुमार सिंह जब रामपुर के जिलाधिकारी थे, उस दौरान आजम खान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर वह चर्चा में आए. जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी जमीन और निर्माण समेत कई मामलों में प्रशासन ने कार्रवाई की थी. इसी दौर में दोनों के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव भी सुर्खियों में रहा. अब जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों से जुड़े मामले की सुनवाई के बीच अंजनेय सिंह का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि, उनके सेवा विस्तार नहीं मिलने और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को जौहर यूनिवर्सिटी मामले से जोड़कर देखना केवल अटकल होगी; उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसा कोई आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया गया है.
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