Holi 2025 : होली समारोहों में मुसलमानों की एंट्री पर बैन! गरमाई राजनीति

Holi 2025 : होली समारोहों में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग की गई है. इसके बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है.

Holi 2025 : उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कथित हिंदूवादी संगठन ने ऐसी मांग की है जिससे राजनीति गरम हो गई है. संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ब्रज क्षेत्र में होली पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग की है. इसपर समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रतिक्रिया आई है. बलिया से सपा के सांसद सनातन पांडेय ने कहा है कि ऐसी मांग करने वाले भगवान श्री कृष्ण के अनुयायी नहीं हैं. उन्होंने बीजेपी पर सत्ता के लिए हिंदुओं और मुसलमानों को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

मुस्लिम समाज के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग

धर्मरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने रविवार को एक बयान जारी किया. इसमें कहा गया, ”पिछले दिनों बरेली में देखने में आया था कि मुस्लिम समाज के लोग हमारे लोगों को धमकियां दे रहे हैं. ऐसे में धर्मरक्षा संघ ने निर्णय लिया है कि हम ब्रज क्षेत्र में मथुरा, वृंदावन, नंदगांव, बरसाना, गोकुल, दाऊजी आदि तीर्थस्थलों पर होने वाले होली समारोहों के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएंगे.”

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आगे गौड़ ने कहा, ”सनातन समाज के लिए होली प्रेम और सौहार्द का त्योहार है. हम बिल्कुल भी नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज का कोई भी व्यक्ति होली के बहाने रंग व गुलाल बेचने का व्यापार करे. होली की भीड़ में घुसकर हुड़दंग करने का प्रयास करे.”

मुसलमानों को रंग-गुलाल से ऐतराज : आचार्य बद्रीश

संगठन के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने सीएम योगी से इस तरह की मांग की. उन्होंने कहा,’’ मैं सीएम योगी से मांग करता हूं कि जिस प्रकार जिहादियों और अलगाववादियों को गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में गरबा नृत्य से दूर रखा गया, ठीक उसी प्रकार ब्रजमंडल के प्रेम से परिपूर्ण पर्व होली से भी उन्हें दूर रखा जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि जब उन्हें रंग-गुलाल से ऐतराज है, तो उनकी यहां क्या जरूरत है.”

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हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, ”यदि ये लोग (मुस्लिम समाज) हिंदू समाज को लिखित आश्वासन देते हैं, तो हमें उनके सम्मिलित होने पर कोई आपत्ति नहीं है. यदि हिंदू समाज चाहे तो ये लोग आ सकते हैं, वरना इन्हें दूर रखा जाए.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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