UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 18 अगस्त को वैशाली एक्सप्रेस करीब 38 मिनट तक खड़ी रही. वजह जानकर आप भी हैरान हो सकते हैं. ट्रेन के गार्ड यान में बैठने के लिए उचित कुर्सी नहीं होने पर ड्यूटी पर पहुंचे गार्ड रामाशीष दास ने ट्रेन को आगे ले जाने से इनकार कर दिया. अधिकारियों के समझाने और आगे बैठने की व्यवस्था कराने के आश्वासन के बाद ट्रेन को रवाना किया गया.
टूटी कुर्सी की वजह से लिया चार्ज नहीं
नई दिल्ली से ललितग्राम जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस (15566) 18 अगस्त की सुबह करीब 9:47 बजे गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर पहुंची थी. यहां गार्ड यान में मौजूद कुर्सी टूटी हुई थी. गोरखपुर से आगे की ड्यूटी संभालने पहुंचे गार्ड रामाशीष दास ने बैठने की व्यवस्था नहीं होने पर ट्रेन आगे ले जाने से मना कर दिया. लखनऊ से गोरखपुर तक ट्रेन लेकर पहुंचे गार्ड के पास टूल बॉक्स था, जिस पर बैठकर उन्होंने सफर किया था. लेकिन गोरखपुर से बरौनी तक ड्यूटी संभालने वाले गार्ड के पास ट्रॉली बैग था. ऐसे में उनके पास बैठने के लिए टूल बॉक्स का विकल्प भी नहीं था. उन्होंने स्टेशन प्रबंधन से व्यवस्था कराने की मांग की, लेकिन तत्काल समाधान नहीं होने पर उन्होंने खड़े होकर यात्रा करने से इनकार कर दिया.
अधिकारियों के आश्वासन के बाद रवाना हुई ट्रेन
मामले में अधिकारियों ने गार्ड से बातचीत कर उन्हें आगे बैठने की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया. इसके बाद गार्ड ने स्टेशन अधीक्षक को मेमो दिया, जिसमें कुर्सी उपलब्ध नहीं होने और इसी वजह से ट्रेन के रवाना होने में हुई देरी का उल्लेख किया गया. करीब 38 मिनट बाद वैशाली एक्सप्रेस को आगे के लिए रवाना किया गया. बताया गया कि देवरिया रेलवे स्टेशन पर गार्ड के बैठने के लिए एक छोटा टेबल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई. इसके बाद ट्रेन की आगे की यात्रा जारी रही.
रेलवे ने क्या कहा?
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, वैशाली एक्सप्रेस ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) की ट्रेन है और गोरखपुर में इसका ठहराव पासिंग के तौर पर होता है. उन्होंने बताया कि गार्ड यान में इनबिल्ट चेयर की व्यवस्था होती है और अलग से स्टूल उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली से ट्रेन के रवाना होने के समय इस तरह की कोई आपत्ति सामने नहीं आई थी. मामले में लखनऊ मंडल की ओर से सोनपुर मंडल को आधिकारिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है.
