UP News : साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए अब बड़े उद्योगपतियों और फिल्मी सितारों की पहचान का भी सहारा ले रहे हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र से सामने आया है. यहां ठगों ने एक बुजुर्ग को वीडियो कॉल किया और खुद को उद्योगपति मुकेश अंबानी बताया. इसके बाद 10 लाख रुपये के निवेश पर 40 करोड़ रुपये वापस मिलने का लालच दिया गया. इतना ही नहीं, ठगों ने भरोसा बढ़ाने के लिए एक अन्य व्यक्ति को अमिताभ बच्चन बनाकर बातचीत में शामिल कर दिया. ठगों की बातों पर भरोसा कर विशुनपुर निवासी लालमन साहनी ने कई दिनों में अलग-अलग किस्तों के जरिए 8 लाख रुपये से ज्यादा रकम उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दी. बाद में जब उन्हें पूरे मामले की सच्चाई पता चली तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की. पीड़ित की तहरीर पर पीपीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
वीडियो कॉल पर खुद को बताया मुकेश अंबानी
पीड़ित लालमन साहनी के मुताबिक, करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आई थी. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुकेश अंबानी बताया और एक कंपनी में निवेश करने की पेशकश की. ठग ने दावा किया कि अगर वह 10 लाख रुपये निवेश करते हैं तो बदले में 40 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे. इतनी बड़ी रकम का लालच देकर बुजुर्ग को विश्वास में लेने की कोशिश की गई. बातचीत के दौरान ठगों ने एक और व्यक्ति को वीडियो कॉल में शामिल किया, जिसने खुद को अमिताभ बच्चन बताया. इस तरह बड़े उद्योगपति और फिल्म अभिनेता का नाम और रूप इस्तेमाल कर लालमन साहनी का भरोसा जीत लिया गया.
कई किस्तों में ट्रांसफर कर दिए 8 लाख से ज्यादा
ठगों की बातों में आकर लालमन साहनी ने कई दिनों तक अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए. देखते ही देखते वह 8 लाख रुपये से ज्यादा की रकम गंवा बैठे. रकम भेजने के बाद जब उन्हें किसी तरह का मुनाफा या पैसा वापस नहीं मिला, तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य जानकारी जुटाई और पुलिस से संपर्क किया.
महाराष्ट्र के पुणे में है पीड़ित का बैंक खाता
पीड़ित का बैंक खाता महाराष्ट्र के पुणे में है. उन्होंने पीपीगंज थाने पहुंचकर प्रार्थनापत्र दिया और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. बुजुर्ग ने पुलिस से मदद की गुहार लगाते हुए बताया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस अब उन खातों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है, जिनके जरिए ठगों ने बुजुर्ग से रकम ट्रांसफर कराई.
बड़े कारोबारी और सेलिब्रिटी बनकर भरोसा जीत रहे ठग
साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ठग कभी बड़े उद्योगपति, कभी फिल्मी सितारे तो कभी सरकारी अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते हैं. वीडियो कॉल पर चेहरा दिखाई देने की वजह से कई लोग सामने वाले व्यक्ति की पहचान को सही मान लेते हैं. लेकिन तकनीक की मदद से आज तस्वीर, आवाज और वीडियो की नकल करना संभव है. ऐसे में सिर्फ वीडियो कॉल पर चेहरा देखकर किसी व्यक्ति की पहचान पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है.
ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अगर कोई अनजान व्यक्ति वीडियो कॉल पर खुद को बड़ा कारोबारी, अधिकारी या सेलिब्रिटी बताकर निवेश का ऑफर दे तो तुरंत सतर्क हो जाएं.
- कम पैसे लगाकर करोड़ों रुपये कमाने जैसे दावों पर भरोसा न करें.
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर न करें.
- बैंक अकाउंट, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, UPI PIN, पासवर्ड और OTP किसी के साथ साझा न करें.
- अनजान नंबर से आने वाली वीडियो या ऑडियो कॉल पर निजी या बैंकिंग जानकारी देने से बचें.
- किसी कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी और संबंधित नियामक की स्थिति जरूर जांचें.
- अगर साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत बैंक को जानकारी दें और पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं. जल्दी शिकायत करने से रकम वापस मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है.
एक्सपर्ट ने दी सावधानी बरतने की सलाह
विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर ठग लोगों का भरोसा जीतने के लिए बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों और सरकारी अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल करते हैं. वीडियो कॉल पर चेहरा दिखाई देना इस बात की गारंटी नहीं है कि सामने वाला व्यक्ति वही है, जिसका वह दावा कर रहा है. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी जानकारी स्वतंत्र रूप से जांचना जरूरी है. अगर ठगी का शक हो तो कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर, चैट, स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजेक्शन और दूसरे डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने चाहिए. इसके बाद तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराएं.
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