Fact Check : हाथ में चाकू लिये युवक को पुलिस ने सहारनपुर में गोली मारी? नहीं, ये वीडियो कर्नाटक का है

Fact Check: वायरल वीडियो में पुलिस को चाकू लिए युवक के पैर में गोली मारते दिखाया गया है. दावा किया गया कि यह वीडियो यूपी के सहारनपुर का है. हकीकत में यह घटना फरवरी 2023 में कर्नाटक के कलबुर्गी में हुई थी.

Fact Check: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें भीड़ को चाकू से धमकाते शख्स को देखा जा सकता है, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस उसके पैर पर गोली मारती है. कुछ यूजर्स इस वीडियो को सहारनपुर का बताते हुए यूपी पुलिस की तारीफ कर रहे हैं.

विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो कर्नाटक के कलबुर्गी का है. इसका यूपी के सहारनपुर से कोई संबंध नहीं है.

क्या है वायरल पोस्ट?

इंस्टा यूजर sunilkashyap9081 ने 12 दिसंबर को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है. इस पर लिखा है, “सहारनपुर उतर प्रदेश का दादा सहारनपुर अब्दुल गफ्फार था इतवार को मार्केट में दादागिरी कर रहा था, और योगी जी की पुलिस आ गई फिर नजारा आपके सामने है.“

पड़ताल

वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस से सर्च करने पर हमें 6 फरवरी 2023 को हिन्दुस्तान टाइम्स पर छपी खबर का लिंक मिला. इसमें वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है. खबर के अनुसार, कर्नाटक में कलबुर्गी पुलिस ने शनिवार को बाजार में एक व्यक्ति मोहम्मद फजल जाफर (28) पर गोली चलाई. वह कथित तौर पर चाकू और हथियार से लोगों को धमका रहा था. बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया. इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. फजल एक फल विक्रेता है और वीडियो में वह चाकू लेकर घूमता हुआ दिखाई दे रहा है. घटना ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र में हुई थी.

एनडीटीवी और इंडिया टुडे की वेबसाइट पर भी इससे संबंधित खबर को देखा जा सकता है. इनमें इस मामले का वीडियो भी अपलोड किया गया है, जिसमें वायरल वीडियो के हिस्से को देखा जा सकता है.

इंडिया टुडे में छपी खबर में घटना रविवार रात को कलबुर्गी की बताई गई. इसके अनुसार, आरोपी की पहचान फजल के रूप में हुई है. आरोपी मार्केट में चाकू लेकर घूम रहा था. लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. वहां पहुंचे पुलिस अधिकारी ने उस पर गोली चला दी, जिससे वह घायल हो गया.

इस बारे में हमने सहारनपुर के स्थानीय पत्रकार शिवमणि त्यागी से संपर्क किया. उनका कहना है कि सहारनपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. यह वीडियो सहारनपुर का नहीं है.

इससे पहले भी यह वीडियो सहारनपुर के नाम से वायरल हो चुका है. उस समय विश्वास न्यूज ने कर्नाटक के स्थानीय पत्रकार यासिर खान से संपर्क किया था. उन्होंने इस वीडियो के कर्नाटक के होने की पुष्टि की थी.

कर्नाटक के वीडियो को यूपी के सहारनपुर का बताकर शेयर करने वाले इंस्टा यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया. यूजर के 330 फॉलोअर्स हैं.

निष्कर्ष: वायरल वीडियो में पुलिस को चाकू लिए युवक के पैर में गोली मारते दिखाया गया है. दावा किया गया कि यह वीडियो यूपी के सहारनपुर का है, जबकि हकीकत में यह घटना फरवरी 2023 में कर्नाटक के कलबुर्गी में हुई थी.

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(डिस्क्लेमर : इस खबर का फैक्ट चेक विश्वास न्यूज ने किया है. प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) ने शक्ति कलेक्टिव के साथ भागीदारी के तहत इस फैक्ट चेक को कुछ संशोधनों के साथ पुनर्प्रकाशित किया है.)

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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