वाराणसी के दालमंडी में बनेगी मॉडल रोड: 17.4 मीटर चौड़ी सड़क, हेरिटेज लाइट्स और ग्रीन एरिया से बदलेगी तस्वीर

UP News: वाराणसी की दालमंडी जल्द ही एक आधुनिक मॉडल रोड के रूप में पहचानी जाएगी. 17.4 मीटर चौड़ी इस सड़क पर चौड़े फुटपाथ, हेरिटेज लाइट्स और सांस्कृतिक पेंटिंग होंगी.भूमिगत सुविधाओं पर जोर के साथ, यह परियोजना अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है

UP News: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के बाद शहर को एक नया, आधुनिक और आकर्षक मार्ग मिलने की उम्मीद है. लगभग 650 मीटर लंबी यह सड़क केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुकूल मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा. परियोजना में सुगम आवाजाही, आरामदायक पैदल सफर और बनारस की सांस्कृतिक पहचान को एक साथ उभारने की योजना है. अधिकारियों ने इसे समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

चौड़े फुटपाथ और यात्रियों की सुविधाएं

निर्माण योजना के अनुसार नई दालमंडी सड़क की कुल चौड़ाई 17.4 मीटर रखी जाएगी. दोनों किनारों पर 3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ बनेंगे, जो शहर के अनेक प्रमुख मार्गों की तुलना में अधिक जगह देंगे. फुटपाथों पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए स्टेनलेस स्टील रेलिंग लगाई जाएगी. हरित पट्टियां, बैठने के लिए बेंच और सजावटी तत्व भी इसमें शामिल होंगे, ताकि खरीदारी, दर्शन या भ्रमण के लिए आने वाले लोग आराम से रुक सकें और समय बिता सकें.

हेरिटेज लाइट्स से निखरेगी रात की खूबसूरती

मार्ग को विशिष्ट स्वरूप देने के लिए पूरी सड़क पर थीम आधारित हेरिटेज लाइट्स लगाई जाएंगी. रात में रोशनी का यह इंतजाम दालमंडी को अलग पहचान देगा और आसपास के ऐतिहासिक माहौल के अनुरूप दृश्य तैयार करेगा. दीवारों पर बनारस की संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत से जुड़ी पेंटिंग बनाने का प्रस्ताव है. हरित क्षेत्र और कलात्मक सज्जा के मेल से यह मार्ग सामान्य सड़क के बजाय एक सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान जैसा भी दिखाई देगा.

अंडरग्राउंड सुविधाओं पर रहेगा जोर

परियोजना में भूमिगत बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है. सीवर लाइन, बिजली के केबल और इंटरनेट तार जमीन के नीचे डाले जाएंगे, जबकि बरसात के पानी की निकासी के लिए अलग स्टॉर्म वॉटर लाइन बनाई जाएगी. इससे ऊपर लटकते तारों का जाल हटेगा और सड़क की उपयोगिता बढ़ेगी. पीडब्ल्यूडी के अनुसार भूमिपूजन हो चुका है, पहले समतलीकरण किया जाएगा और फिर सड़क निर्माण शुरू होगा. लक्ष्य अक्टूबर तक काम पूरा करने का है.

ध्वस्तीकरण लगभग पूरा, 221 करोड़ का प्रोजेक्ट

चौड़ीकरण के लिए चिह्नित 184 भवनों में से 165 का ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है और शेष संपत्तियों को हटाने की प्रक्रिया जारी है. मार्ग में आए छह धार्मिक स्थलों को आपसी सहमति से हटाया गया, जबकि कुछ वक्फ संपत्तियों पर भी कार्रवाई हुई. पूरे प्रोजेक्ट पर 221 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसमें भवन स्वामियों के मुआवजे के लिए 196 करोड़ रुपये और मॉडल सड़क के निर्माण के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.

यह भी देखें: श्मशान जाने से पहले धड़की थी सांसें, नौ दिन की जंग के बाद शीला देवी की मौत


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नटवर कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >