गृहकर वसूली में हो गया करोड़ का गबन,प्रयागराज नगर निगम में टैक्स वसूली में मिली गड़बड़ी, स्पेशल ऑडिट का दिया आदेश

प्रयागराज नगर निगम में अब करोड़ों के गृहकर वसूली में गबन का मामला सामने आया है जिसमें बिना सरकारी खाते में पैसा जमा किए ही सरकारी रसीद तक काट दी गई है.जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पेशल ऑडिट टीम को जांच के लिए आदेश दे दिया गया है.

प्रयागराज के नगर निगम में गृहकर वसूली में बड़ा गबन का मामला सामने आया है. जहां कुछ लोगों ने गृहकर वसूली करने के बाद उसका पैसा निगम के खाते में जमा ही नहीं किया और उसकी रसीद तक जारी कर दिया. लेकिन जब मामला सामने आया तो उसके बाद पूरे प्रकरण की स्पेशल ऑडिट कराने का निर्देश दे दिया गया. इसके अलावा वहीं कई अधिकारियों को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मांगा गया है. वहीं पूरे मामले में नगर निगम के अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. वहीं ज्यादा पूछताछ पर अधिकारी दबे जबान में बस यही कह रहे है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं सूत्रों के हवाले से माने तो दो करोड़ से अधिक की गड़बड़ी सामने आरही है.

बगैर पैसा सरकारी खाते में जमा किए ही कट गई सरकारी टैक्स जमा होने की रसीद

नगर निगम प्रयागराज की तरफ से वर्ष 2024-25 में गृहकर टैक्स वसूली के लिए डेढ़ सौ करोड़ का लक्ष्य तय किया गया था. इसके लिए नगर निगम की तरफ से पूरे प्रयागराज में सेक्टर बाट कर अलग अलग कर्मचारी अलग अलग सेक्टर में तैनात कर गृहकर वसूली कर रहे थे. जिससे शतप्रतिशत समय से लक्ष्य की प्राप्ति हो सके. लेकिन वहीं नगर निगम प्रयागराज सिर्फ 105 करोड़ की ही वसूली कर सका.नगर निगम की तरफ से जोनल कार्यालय में भी गृहकर जमा करने के लिए व्यवस्था की गई थी. इसमें नगर निगम के साथ ही आउट सोर्सिंग कर्मचारियों की भी मदद ली जा रही थी. ऐसे में नगर निगम के एक आउट सोर्सिंग कर्मचारी सत्यम के नाम से 14 ऐसी रसीदें काटी गई. जिनका पैसा नगर निगम प्रयागराज को मिला ही नहीं.इसमें कई बड़े बकाएदार भी शामिल हैं. 29 मार्च को काटी गई रसीद, 30 तारीख को दर्ज हुई शिकायत. नगर निगम के आउट सोर्सिंग कर्मचारी के नाम से 14 लोगों के गृहकर टैक्स का पैसा जमा करने की रसीद 29 मार्च को काटी गई. इसमें कर्मचारी की पोर्टल आईडी और पासवर्ड का उपयोग किया गया था. वहीं कर्मचारी से पूछने पर उसने बताया है कि उसने ऐसी कोई रसीद नहीं काटी है. जब उसको इस मामले की जानकारी हुई तो उसने नगर निगम के आईटी अधिकारी केशव को लिखित रूप से इसकी सूचना दे दी. जिसके बाद सभी रसीदें कैंसिल कर दी गई.वहीं नगर निगम के खाते में आठ लाख रुपये का अंतर मिला है. यह सिर्फ एक जोन का मामला अभी ऐसा अधिकारियों के सामने आया है. अगर अन्य जोन की जांच स्पष्ट रूप से करायी जाए, तो यह करोड़ों का खेल सामने आ सकता है. इस मामले में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया है कि मामले की जांच करायी जा रही है. साथ ही मामले में सभी संबंधित कर्मचारियों को शो कॉल नोटिस भी जारी कर दिया गया है. जांच में अगर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही आईटी अधिकारी केशव को भी नोटिस जारी कर दी गई है.एवं इस पूरे मामले की स्पष्ट रूप से स्पेशल ऑडिट भी कराने का आदेश दे दिया गया है.

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Published by: Abhishek singh

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