UP News: गोरखपुर के एक आयुर्वेदिक कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में झंडा फहराने वाले व्यक्ति समेत कुछ लोग राष्ट्रगान की पंक्तियों और शब्दों का सही उच्चारण करते नजर नहीं आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद आयोजन की व्यवस्था और राष्ट्रगान को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे हैं.
राष्ट्रगान के दौरान शब्दों के उच्चारण पर सवाल
वायरल वीडियो में ध्वजारोहण के बाद कॉलेज परिसर में राष्ट्रगान गाया जाता दिखाई दे रहा है. इसी दौरान राष्ट्रगान की कई पंक्तियों के उच्चारण को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है. सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने वाले यूजर्स का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगे के सामने राष्ट्रगान के दौरान विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए. वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान और घटना के पूरे संदर्भ की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कॉलेज प्रशासन और कार्यक्रम में मौजूद जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगान होना था तो इसकी पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई. कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जोड़ते हुए जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण की मांग की है. हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आ रही प्रतिक्रियाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
आधिकारिक बयान का इंतजार
मामले में अभी संबंधित कॉलेज प्रशासन या स्थानीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. वायरल वीडियो को गोरखपुर के एक आयुर्वेदिक कॉलेज का बताया जा रहा है, लेकिन घटना की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है. ऐसे में वीडियो के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. प्रशासन की ओर से जांच या बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राष्ट्रगान के दौरान हुई कथित गलती के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं.
सोशल मीडिया पर ऐसे कई और वीडियो भी वायरल
इसी तरह सोशल मीडिया पर कई अन्य वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें स्वतंत्रता दिवस के दौरान ध्वजारोहण करने वाले लोग राष्ट्रगान तक सही तरीके से गाते नजर नहीं आ रहे हैं. इन वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि राष्ट्रीय पर्व और तिरंगे के सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों में ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है. हालांकि, वायरल हो रहे इन सभी वीडियो की जगह, समय और वास्तविकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना अभी बाकी है.
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