यूपी में किसानों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ेगा, मंडी परिषद की बैठक में सीएम योगी के अहम फैसले

UP News: उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए 'मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना' का दायरा बढ़ाया जाएगा. सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की बैठक में मंडियों के आधुनिकीकरण और आय बढ़ाने पर भी जोर दिया. योजना की अवधि 2025-2030 तक बढ़ाई गई है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं बैठक में बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना' का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्र इसका लाभ उठा सकें. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि को 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ा दिया गया है.

कृषि मंडियों का आधुनिकीकरण और पीपीपी मॉडल पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की मंडियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और उनके पुनरोद्धार के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मंडी स्थलों में पेयजल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर बल दिया. इसके अतिरिक्त, मंडी परिसरों में पीपीपी मॉडल पर कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए नियमों को सरल और निवेश अनुकूल बनाने की बात कही गई, जिससे किसानों को फसल का बेहतर मूल्य मिले, मूल्य संवर्धन हो और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हों.

ई-नाम प्लेटफॉर्म, प्राकृतिक खेती और आय में 15.79% की वृद्धि

बैठक के दौरान सीएम योगी ने ज्यादा से ज्यादा मंडियों को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ने, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को रफ्तार देने और हर जिले में जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए. वर्ष 2026-27 के लिए मंडी परिषद का 3025.49 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया. प्रदेश की मंडी समितियों की आय में शानदार बढ़ोतरी देखी गई है, जो वर्ष 2024-25 के 1991.33 करोड़ रुपये से 15.79 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2305.80 करोड़ रुपये पहुंच गई है.

विकास कार्यों के लिए बजट प्रावधान और बुनियादी ढांचे का मजबूतीकरण

मंडी परिषद के नए बजट में मंडियों के निर्माण और विस्तार के साथ-साथ संपर्क मार्गों की मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार और गोवंशीय आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा छात्रावास निर्माण और नई भूमि क्रय जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है. पूर्व से स्वीकृत चल रहे निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के लिए 1212.02 करोड़ रुपये का पृथक बजट रखा गया है, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी.

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By शशांक शेखर मिश्रा

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