UP News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले आठ वर्षीय छात्र की कथित लापरवाही के बीच सांप के काटने से मौत हो गई. मृतक के परिजनों का आरोप है कि बच्चे ने सांप के काटने की जानकारी स्कूल के शिक्षकों को दी थी, लेकिन उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया. समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई.
तीसरी कक्षा का छात्र था अंशू
जानकारी के मुताबिक, तीसरी कक्षा का छात्र अंशू सोमवार सुबह रोज की तरह स्कूल पहुंचा था. परिवार का कहना है कि सुबह करीब 10 बजे स्कूल परिसर में उसे सांप ने काट लिया. अंशू ने तत्काल अपने शिक्षक को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि उसे न तो अस्पताल ले जाया गया और न ही उसके परिजनों को तुरंत इसकी सूचना दी गई. इस दौरान उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही.
परिजनों को देर से दी गई सूचना
पुलिस के अनुसार, दोपहर में स्कूल प्रशासन ने परिजनों को फोन कर सिर्फ इतना बताया कि बच्चा अचानक बीमार हो गया है. सूचना मिलते ही परिवार उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.
अस्पताल में हंगामा, लापरवाही का आरोप
घटना के बाद अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि यदि स्कूल प्रशासन ने समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाया होता या परिवार को तत्काल सूचना दी होती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है.
डीएम ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
