UP News: बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के परिवार का पुश्तैनी संपत्ति विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है. अलीगढ़ में अभिनेता के भाई अभिमन्यु सिंह की शिकायत पर दर्ज FIR के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चचेरे भाई जय सिंह और चाची गायत्री देवी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. दोनों ने FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और वादी पक्ष से जवाब भी मांगा है.
FIR को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती
जय सिंह और गायत्री देवी ने अलीगढ़ में दर्ज FIR के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. दोनों ने गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी. न्यायमूर्ति सीडी सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. साथ ही राज्य सरकार और वादी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. याचियों की ओर से अदालत को बताया गया कि जय सिंह और गायत्री देवी स्वीडन के नागरिक हैं.
क्या है चंद्रचूड़ सिंह के परिवार का संपत्ति विवाद?
यह मामला हवेली जलालपुर एस्टेट से जुड़ी पुश्तैनी संपत्ति का है. चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह की ओर से आरोप लगाया गया है कि परिवार की संपत्ति को लेकर फर्जी और अपंजीकृत वसीयत तैयार की गई. आरोप है कि इसी वसीयत के आधार पर चचेरे भाई जय सिंह, चाची गायत्री देवी और अन्य लोगों ने पारिवारिक संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की. संपत्ति को बेचने के प्रयास का भी आरोप लगाया गया है. इन्हीं आरोपों के आधार पर अलीगढ़ में FIR दर्ज की गई थी.
करोड़ों की जमीन और ऐतिहासिक हवेली का मामला
चंद्रचूड़ सिंह के परिवार का कहना है कि विवादित संपत्ति उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि है. परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये की इस जमीन और ऐतिहासिक हवेली को हड़पने की कोशिश की गई. परिवार ने आरोप लगाया है कि अभिनेता के दादा हरेंद्र पाल सिंह के नाम से एक कथित फर्जी वसीयत तैयार की गई. इसी दस्तावेज के आधार पर संपत्ति पर अधिकार जताने और उसे बेचने का प्रयास किया गया.
चंद्रचूड़ सिंह ने दादा की बीमारी का किया जिक्र
चंद्रचूड़ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह उनके परिवार की पुश्तैनी जमीन है. उन्होंने बताया कि इस जमीन ने करीब 30 साल तक उनके परिवार का पालन-पोषण किया. अभिनेता के मुताबिक, उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ में गंभीर रूप से बीमार थे. उनका दावा है कि उस समय दादा वसीयत बनाने की स्थिति में नहीं थे. चंद्रचूड़ सिंह ने अपनी बुआ को इस मामले में मुख्य गवाह बताया है.
दादा के निधन के बाद फर्जी वसीयत बनाने का आरोप
अभिनेता ने आरोप लगाया कि उनके दादा के निधन के बाद उनके चाचा और चाची ने मिलकर कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार की. उनका आरोप है कि इसी के आधार पर बहुमूल्य पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने और बेचने की कोशिश की गई. चंद्रचूड़ सिंह के अनुसार, इस मामले में फिलहाल सात लोगों के नाम सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर और नाम सामने आ सकते हैं. इन लोगों पर जमीन बेचने, साजिश रचने और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं.
डीएम और एसएसपी से भी लगाई थी गुहार
चंद्रचूड़ सिंह और उनकी मां इस मामले को लेकर पहले डीएम और एसएसपी से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने अधिकारियों से मामले में कार्रवाई और न्याय की मांग की थी. अब FIR के मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद संपत्ति विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. फिलहाल जय सिंह और गायत्री देवी की गिरफ्तारी पर रोक है. मामले में राज्य सरकार और वादी पक्ष के जवाब के बाद आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी.
