दोस्ती, साइबर ठगी और CBI जांच... ट्रेन में ऐसा क्या हुआ कि दोस्त की चली गई जान, गाजियाबाद में खुला चौंकाने वाला राज

UP Crime: गाजियाबाद में साइबर ठगी की जांच से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, खुद के फंसने की आशंका में एक युवक ने अपने दोस्त को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया.

UP Crime: गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी की जांच से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, जांच में खुद के फंसने की आशंका के चलते एक युवक ने अपने दोस्त को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया. 16 सितंबर को गोशाला चौकी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर 28 वर्षीय भारत का शव मिला था. मृतक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.

सीबीआई जांच के बाद सामने आया विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, पीलीभीत के जहानाबाद क्षेत्र निवासी भारत के खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित जांच चल रही थी. 9 सितंबर को सीबीआई की दिल्ली टीम उसके घर पहुंची थी. टीम ने पूछताछ के साथ घर की तलाशी ली और लैपटॉप समेत कुछ दस्तावेजों से संबंधित जानकारी जुटाई. पूछताछ के दौरान भारत ने बताया था कि करीब दो साल पहले उसने अपने गांव के देवेश को फोटो और अन्य दस्तावेज दिए थे.

बैंक खाता खुलवाने के नाम पर लिए थे दस्तावेज

भारत के अनुसार, देवेश ने कारोबार के लिए उसके नाम से बैंक खाता खुलवाने की बात कहकर दस्तावेज लिए थे. जांच टीम ने देवेश से भी पूछताछ की. पुलिस के मुताबिक, देवेश ने दस्तावेज लेने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उसने ये कागजात पीलीभीत के गोहनिया निवासी हरिओम को दिए थे. इसके बाद देवेश जांच टीम के संपर्क से बाहर हो गया और उसका मोबाइल बंद मिला.

खाते में साइबर ठगी की रकम आने का दावा

मृतक के पिता जगदीश कुमार ने देवेश पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में वर्ष 2024 के दौरान करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी की रकम देवेश द्वारा खुलवाए गए खाते में आने की बात सामने आई है. बाद में यह मामला सीबीआई की जांच के दायरे में पहुंच गया था. पुलिस का कहना है कि इसी जांच को लेकर देवेश को अपने फंसने का डर था.

दिल्ली जाने के लिए दोस्त को साथ ले गया था

परिजनों के मुताबिक, देवेश के गायब होने के बाद भारत उसकी तलाश कर रहा था. वह जांच टीम के साथ हरिओम के घर भी गया था, लेकिन वहां हरिओम नहीं मिला. घटना से पहले देवेश बाइक से भारत के घर पहुंचा और उसे अपने साथ दिल्ली ले गया था. बाद में देवेश ने परिजनों को फोन कर बताया कि भारत गाजियाबाद उतर गया है और टेंपो से घर चला जाएगा.

शव की फोटो भेजे जाने पर हुई पहचान

कुछ समय बाद गाजियाबाद पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान के मोबाइल पर रेलवे ट्रैक पर मिले शव की फोटो भेजी. परिजनों ने फोटो देखकर उसकी पहचान भारत के रूप में की. इसके बाद मृतक के पिता की शिकायत पर विजयनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में देवेश ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में साइबर ठगी से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है. यह भी देखें: पिता को कागजों में ‘मार’ बेटे ने ले ली सरकारी नौकरी, उन्नाव में 13 साल बाद एक कागज ने खोल दिया आश्रित कोटे पूरा खेल

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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