UP News: रसड़ा के दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह की तेरही बुधवार को उनके पैतृक गांव खनवर में श्रद्धा, संवेदना और जनसैलाब के बीच मनाई जा रही है. जिस खनवर स्थित आवास पर कभी क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे, उसी दरवाजे पर आज हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं. सुबह से देर दोपहर तक लोगों के आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. सबसे खास बात यह है कि तेरही में आने वाले लोगों के लिए बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था की गई है. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक करीब दो लाख लोगों ने भोजन ग्रहण किया. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था अपने आप में इस आयोजन के विशाल स्वरूप को बताती है. खनवर और आसपास का इलाका लोगों की भीड़, वाहनों की आवाजाही और श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों से भरा नजर आ रहा है. उमाशंकर सिंह के निधन के बाद से ही खनवर स्थित उनका आवास लगातार श्रद्धांजलि का केंद्र बना हुआ है. निधन की खबर के बाद भी यहां आम लोगों से लेकर राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी क्षेत्र से जुड़े लोगों का लगातार पहुंचना जारी रहा था. अंतिम यात्रा में भी हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी और खनवर से बयासी घाट तक करीब 40 किलोमीटर की यात्रा को पूरा होने में लगभग छह घंटे लगे थे.
तेरही में भी वही तस्वीर, आम से खास तक पहुंचे लोग
उमाशंकर सिंह की तेरही में भी उनकी लोकप्रियता की वही तस्वीर दिखाई दे रही है. परिवार के मुताबिक अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों से लोग खनवर पहुंच रहे हैं. इससे पहले उनके निधन के बाद खनवर आवास पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों में एमएलसी बृजेश सिंह, सुशील सिंह, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, पूर्व विधायक वंदना सिंह और मिर्जापुर के उद्यमी सोनू सिंह समेत कई प्रमुख नाम शामिल रहे. सोशल मीडिया पर परिवार की ओर से साझा की गई श्रद्धांजलि संबंधी जानकारी में भी अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की लंबी सूची सामने आई थी. इनमें महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह, गोरखपुर के सांसद रविकिशन, एमएलसी यशवंत सिंह, गाजीपुर के विधायक ओमप्रकाश सिंह, देवरिया के विधायक शलभमणि त्रिपाठी, सलेमपुर के सांसद रविंद्र कुशवाहा, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, एमएलसी विनीत सिंह, विधायक सुशील सिंह सहित अनेक राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल थीं. यही नहीं, अलग-अलग दलों के नेता, पूर्व जनप्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, कारोबारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि भी खनवर पहुंचकर उमाशंकर सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर चुके हैं. सोशल मीडिया पर सामने आई श्रद्धांजलि सूचनाओं में आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, देवरिया समेत पूर्वांचल के कई जिलों से लोगों के पहुंचने का उल्लेख मिलता है.
अंतिम दर्शन से तेरही तक नहीं थमा लोगों का सैलाब
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद खनवर में पहली बार जब उनका पार्थिव शरीर पहुंचा था, तब भी अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी. उस समय प्रकाशित रिपोर्टों में खनवर स्थित उस आवास का दृश्य सामने आया था, जहां वे रोजाना लोगों की समस्याएं सुनते थे. उनके निधन के बाद उसी चौखट पर लोग उनकी तस्वीर के सामने नम आंखों से खड़े दिखाई दिए. इसके बाद अंतिम यात्रा में भी जनसैलाब देखने को मिला. खनवर से बयासी घाट तक करीब 40 किलोमीटर की अंतिम यात्रा में हजारों लोग साथ चले थे. अब तेरही के मौके पर एक बार फिर वही तस्वीर सामने है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार लोग अंतिम दर्शन के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने और अपने दिवंगत विधायक की स्मृतियों को नमन करने पहुंच रहे हैं.
दो लाख लोगों का भोजन बना आयोजन की सबसे बड़ी तस्वीर
तेरही में करीब दो लाख लोगों के भोजन की व्यवस्था को आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता माना जा रहा है. इतने बड़े स्तर पर भोजन की व्यवस्था के लिए खनवर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं. अलग-अलग स्थानों पर लोगों के बैठने और भोजन कराने की व्यवस्था की गई है. यह संख्या केवल किसी राजनीतिक कार्यक्रम में जुटी भीड़ नहीं, बल्कि उस सामाजिक जुड़ाव का संकेत भी है जो उमाशंकर सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में बनाया. तीन बार रसड़ा से विधायक रहे उमाशंकर सिंह 2022 में तब भी चुनाव जीतने में सफल रहे थे, जब पूरे प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था. वह विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे. यही वजह है कि उनके निधन के बाद श्रद्धांजलि देने वालों में सिर्फ बसपा कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े नेता और आम लोग भी दिखाई दिए.
राजनीति से आगे बनी थी अपनी पहचान
उमाशंकर सिंह की पहचान सिर्फ विधायक के रूप में नहीं थी. क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों और लोगों की मदद को लेकर भी उनका नाम लिया जाता रहा. उनके निधन के बाद प्रकाशित रिपोर्टों में सामूहिक विवाह और कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद जैसे कार्यों का उल्लेख हुआ. यही व्यक्तिगत संपर्क आज उनकी तेरही में दिखाई दे रहा है. खनवर पहुंचने वाले लोगों में बड़ी संख्या ऐसे आम लोगों की भी है, जिनका किसी राजनीतिक दल से प्रत्यक्ष जुड़ाव नहीं है. वे सिर्फ उस व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं, जिसे उन्होंने अपने सुख-दुख में साथ खड़ा देखा था.
खनवर में आज सिर्फ तेरही नहीं, उमाशंकर की जनस्वीकृति का भी दृश्य
उमाशंकर सिंह के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक जताया था. अंतिम दर्शन के दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मायावती और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रही. लेकिन आज खनवर में राजनीतिक चेहरों से कहीं बड़ी तस्वीर आम लोगों की है. कोई गांव से पैदल या साधन से पहुंचा है तो कोई दूर के जिले से गाड़ी लेकर. किसी के हाथ में फूल हैं तो कोई तस्वीर के सामने कुछ पल खामोश खड़ा होकर अपने नेता को याद कर रहा है.
दो लाख लोगों के भोजन और लगातार पहुंच रहे लोगों की भीड़ के बीच खनवर आज एक ऐसी जनश्रद्धांजलि का गवाह बन रहा है, जिसमें राजनीति की सीमाएं पीछे छूट गई हैं.
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