UP Politics: उत्तर प्रदेश में लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल नाम में ‘समाजवादी’ जोड़ लेने से समाजवाद नहीं आता. उन्होंने कहा कि समाजवाद विचार, संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से साबित होता है. ब्रजेश पाठक ने JPNIC में कथित भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं का आरोप लगाते हुए सरकार की ओर से इसे व्यवस्थित करने की कोशिश का भी जिक्र किया.
JPNIC को लेकर अखिलेश यादव पर हमला
ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आचार-विचार और सामाजिक न्याय के सपनों को अगर आज कोई राजनीतिक दल वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ा रहा है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी है. उन्होंने कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय, समान अवसर और समतामूलक समाज की अवधारणा को केवल राजनीतिक नारे तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम कर रही है.
‘जेपी के नाम पर बने केंद्र में अव्यवस्थाओं की अनदेखी’
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जेपी के नाम पर बनाए गए JPNIC में भ्रष्टाचार के आरोपों और अव्यवस्थाओं की अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि जब सरकार इस केंद्र को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने का प्रयास कर रही है, तो सहयोग करने के बजाय इसमें बाधा डालने की कोशिश की जा रही है. ब्रजेश पाठक ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेता अब तक लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव और घर तक जाने का समय नहीं निकाल सके.
लोहिया और जेपी की विचारधारा पर उठाए सवाल
ब्रजेश पाठक ने कहा कि यदि डॉ. राम मनोहर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण आज हमारे बीच होते, तो वे समाजवादी पार्टी को समाजवाद की कसौटी पर परखते और अपना निर्णय सुनाते. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की ‘नई’ समाजवादी पार्टी ने लोहिया, जेपी, लोकबंधु राजनारायण, कर्पूरी ठाकुर और मधु लिमये जैसे समाजवादी आंदोलन के नेताओं की विचारधारा और योगदान को जनचेतना से दूर करने का काम किया है.
‘दाम बांधो’ नीति को लेकर भी घेरा
उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के बयान के संदर्भ में डॉ. लोहिया की ‘दाम बांधो’ नीति का जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अखिलेश यादव खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इस नीति को लागू करने की पहल क्यों नहीं की गई. उन्होंने कहा कि समाजवाद केवल नाम में ‘समाजवादी’ जोड़ लेने से नहीं आता.
‘समाजवाद विचार और संघर्ष से साबित होता है’
ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवाद विचारों, संघर्ष, त्याग, सामाजिक न्याय और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के सम्मान के प्रति प्रतिबद्धता से साबित होता है. उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है. JPNIC को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच पहले भी राजनीतिक बयानबाजी होती रही है. ऐसे में ब्रजेश पाठक के ताजा बयान के बाद इस मुद्दे पर सियासी विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
