भदोही नहीं... इस नाम से होगी जिले की नई पहचान! CM योगी के ऐलान से बढ़ी हलचल

UP Politics: भदोही जिले का नाम एक बार फिर बदलने की चर्चा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संत रविदास की विरासत का जिक्र करने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिले को उसका पुराना नाम 'संत रविदास नगर' वापस मिलेगा. कालीन नगरी की इस नई पहचान पर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है.

UP Politics: कालीन नगरी भदोही का नाम एक बार फिर बदलने की चर्चा तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या भदोही को फिर से संत रविदास नगर नाम दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने संत रविदास की जयंती और उनकी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि जिले की पहचान संत रविदास से जुड़ी रही है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है.


पहले भी बदल चुका है जिले का नाम

भदोही जिले का नाम पहले संत रविदास नगर रखा गया था. बाद में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान इसे फिर भदोही कर दिया गया. जिले का संत रविदास से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहा है, इसलिए नाम परिवर्तन का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है.

कालीन नगरी के नाम से दुनिया में पहचान

भदोही देश ही नहीं, दुनिया में अपनी कालीन उद्योग के लिए मशहूर है. इसे भारत की 'कार्पेट सिटी' भी कहा जाता है. यहां लाखों बुनकर और कारीगर कालीन उद्योग से जुड़े हुए हैं और भदोही की कालीनों को जीआई टैग भी मिल चुका है.

राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा

मुख्यमंत्री के बयान के बाद जिले के नाम को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, नाम बदलने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है. ऐसे में लोगों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.

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By Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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