UP Crime: उत्तर प्रदेश के बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) के बहेड़ी विधायक अताउर रहमान की रिश्तेदार की मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है. महिला की मौत के छह दिन बाद प्रशासन ने कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. महिला के भाई ने आरोप लगाया है कि उसकी बहन की बीमारी से नहीं, बल्कि जहर देकर हत्या की गई थी. अब पूरे मामले का सच पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आने की उम्मीद है.
डीएम के आदेश पर कब्र से निकाला गया शव
जानकारी के मुताबिक, बहेड़ी के मोहल्ला बाजार मुड़िया रोड निवासी ताहिर की पत्नी तबस्सुम का छह दिन पहले निधन हो गया था. परिवार के अनुसार वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं, जिसके बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया गया था. हालांकि, तबस्सुम के भाई जहीन इलियास अहमद ने इस मौत पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी अभिनाश कुमार सिंह से निष्पक्ष जांच की मांग की.
भाई का आरोप- बहन को जहर देकर की गई हत्या
जहीन इलियास अहमद ने 17 जुलाई को जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि उनकी बहन की मौत स्वाभाविक नहीं थी. उन्होंने दावा किया कि तबस्सुम को जहर देकर मार दिया गया और जल्दबाजी में शव दफना दिया गया. उन्होंने मामले में पोस्टमार्टम कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जहीन ने बताया कि सपा विधायक अताउर रहमान उनके बहनोई हैं और तबस्सुम विधायक की पत्नी की सगी बहन थीं.
प्रशासन की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम की निगरानी में कब्र से शव निकालने की कार्रवाई की गई. पुलिस ने पहले पूरे कब्रिस्तान और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति मौके पर न पहुंच सके. कब्र की खुदाई से पहले चारों ओर कपड़े का घेरा लगाया गया और केवल प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों तथा आवश्यक परिजनों को ही वहां रहने की अनुमति दी गई. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तबस्सुम की मौत कैंसर की वजह से हुई थी या फिर उनके भाई द्वारा लगाए गए जहर देकर हत्या के आरोपों में कोई सच्चाई है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
