रसड़ा : एसडीएम रसड़ा के अधिवक्ता, फरियादी विरोधी नीति अपनाये जाने का आरोप लगाते हुए लंबे समय से तहसील बार रसड़ा के अधिवक्ताओं द्वारा चलाये जा रहे धरना आंदोलन ने बुधवार को कड़ा रूप धारण कर लिया. इसके तहत तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी रसड़ा का शव यात्रा निकाल कर प्रशासन की अनदेखी पर अपना रोष जताया.
एसडीएम के खिलाफ हुए तहसील बार के अधिवक्ता, जताया रोष

एसडीएम के खिलाफ हुए तहसील बार के अधिवक्ता, जताया रोष
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रसड़ा : एसडीएम रसड़ा के अधिवक्ता, फरियादी विरोधी नीति अपनाये जाने का आरोप लगाते हुए लंबे समय से तहसील बार रसड़ा के अधिवक्ताओं द्वारा चलाये जा रहे धरना आंदोलन ने बुधवार को कड़ा रूप धारण कर लिया. इसके तहत तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी रसड़ा का शव यात्रा निकाल कर प्रशासन की अनदेखी पर […]
अधिवक्ताओं ने कहा कि लगभग दो माह से उनके द्वारा एसडीएम रसड़ा के स्थानांतरण की मांग को लेकर तहसील पर धरना दिया जा रहा है, किंतु प्रशासन की तरफ से अब तक कोई पहल नहीं की गयी,जो बार के खिलाफ है. इसे हम अधिवक्ता कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे. कहा कि एसडीएम का स्थानांतरण नहीं किया जाता है तब तक ऐसे मांगों को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र राम, भानु प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह, संजय तिवारी, शैलेश सिंह, केशव प्रसाद, श्री प्रकाश त्रिपाठी, शशिकान्त तिवारी, रवि कांत श्रीवास्तव, रामजी सिंह,गिरीश नारायण सिंह, राजीव सिंह, रवि कांत श्रीवास्तव, त्रिलोकी सिंह, द्वारिका सिंह, श्याम बिहारी सिंह, रविशंकर श्रीवास्तव, संजय सिंह, देवेंद्र तिवारी, विपिन श्रीवास्तव, अमर बहादुर, सुनील कुमार, आलोक तिवारी, मनिंदर कांत, संजय राम, दीनानाथ यादव, उदय नारायण सिंह, विजय सैनी, हंसराज सिंह, आलोक कुमार सिंह, अरविंद तिवारी, दिनेश चौहान, अशोक यादव, विवेक सिंह, विवेक सिंह, प्रमोद सिंह यादव,सुनील श्रीवास्तव, अनिल प्रजापति, शिशिर श्रीवास्तव, ध्रुव जी, शिवानंद श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता रहे.