UP News बलिया: जिले में WhatsApp के जरिए साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है. पिछले दो दिनों से कई लोगों के परिचितों के नंबर से अचानक पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे जा रहे हैं. मैसेज में लिखा है कि UPI काम नहीं कर रहा है और तत्काल 45 हजार या 75 हजार रुपये चाहिए. ठग शाम या सुबह तक रकम लौटाने का भरोसा देते हैं. पुलिस ने ऐसे संदेशों से सावधान रहने की अपील की है.
कोतवाली क्षेत्र में 8 हजार रुपये की ठगी
बलिया शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति परिचित के WhatsApp नंबर से आए संदेश पर भरोसा करके 8 हजार रुपये भेज बैठा. बाद में जानकारी हुई कि संबंधित व्यक्ति का WhatsApp हैक हो चुका है. पीड़ित ने बताया कि मैसेज देखकर उसे लगा कि उसका परिचित किसी परेशानी में है. फोन करने पर मोबाइल बंद मिला, जिसके बाद उसने संदेश पर भरोसा कर रकम भेज दी.
अमित सोनी के WhatsApp से भेजे गए मैसेज
अमित सोनी के मुताबिक, पहले उन्हें एक संदिग्ध पार्सल से जुड़ा मैसेज मिला था. इसके बाद उनका मोबाइल हैंग हो गया और सेव नंबरों पर WhatsApp के जरिए अपने आप पैसे मांगने वाले संदेश जाने लगे। उन्होंने तत्काल कोतवाली पहुंचकर पुलिस को सूचना दी. इसके बाद WhatsApp डिलीट कराया गया और मोबाइल साइबर सेल को सौंप दिया गया. मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
विजयानंद ठाकुर ने भेजे 8 हजार रुपये
विजयानंद ठाकुर ने बताया कि रात 9:51 बजे अमित सोनी के WhatsApp से 45 हजार रुपये की जरूरत का संदेश आया। फोन करने पर मोबाइल बंद मिला. उन्हें लगा कि अमित किसी बड़ी परेशानी में हैं। पहले उन्होंने 10 हजार रुपये भेजने की बात कही, लेकिन खाते में सिर्फ 8 हजार रुपये थे. इसके बाद संदेश आया कि जितने हैं, उतने ही भेज दीजिए. उन्होंने 8 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए.
सुबह पता चला WhatsApp हो चुका है हैक
विजयानंद ने बताया कि पैसे भेजने के बाद वह सुबह बाकी रकम जुटाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि अमित सोनी का WhatsApp हैक हो चुका है. इसके बाद उन्हें अपनी गलती का पता चला. बलिया निवासी मंटू कुमार ने बताया कि उनके पास भी पैसे मांगने वाला संदेश आया था, लेकिन रकम भेजने से पहले एक मित्र ने उन्हें फोन करके सावधान कर दिया.
बेल्थरा रोड में भी 75 हजार रुपये की मांग
बलिया के बेल्थरा रोड निवासी अभय मिश्रा के साथ भी इसी तरह की घटना सामने आई. उनके WhatsApp से कई लोगों को संदेश भेजा गया कि UPI काम नहीं कर रहा है और तत्काल भुगतान के लिए पैसे चाहिए. शाम तक रकम वापस करने का भरोसा दिया गया. जब एक व्यक्ति ने पूछा कि कितनी रकम चाहिए, तो जवाब आया कि 75 हजार रुपये की जरूरत है.
पुलिस ने बताया साइबर ठगी का तरीका
पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह ने इसे साइबर ठगी बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि साइबर ठग किसी व्यक्ति का नंबर हासिल करने के बाद उसकी जानकारी जुटाते हैं और कभी-कभी प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल करके भरोसा पैदा करते हैं. इसके बाद परिचितों से मदद के नाम पर पैसे मांगते हैं. ऐसी स्थिति में पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन लोगों की जागरूकता बेहद जरूरी है.
APK फाइल डाउनलोड करने से बचें
पुलिस ने लोगों को अनजान नंबर से आने वाली कॉल और फाइलों को लेकर भी सावधान किया है. किसी फाइल के नाम के अंत में APK लिखा हो तो उसे डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए. ऐसी फाइलें मोबाइल के लिए खतरनाक हो सकती हैं और साइबर अपराधी उनका इस्तेमाल कर सकते हैं. संदिग्ध लिंक, फाइल या एप्लीकेशन खोलने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांच लें.
पैसे भेजने से पहले फोन करके करें पुष्टि
पुलिस के अनुसार, WhatsApp पर परिचित के नंबर से पैसे मांगने वाला संदेश आने पर तुरंत रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए. पहले संबंधित व्यक्ति को सामान्य फोन कॉल करके पूरी जानकारी की पुष्टि करें. यदि मोबाइल बंद है, तो किसी अन्य माध्यम से संपर्क करने की कोशिश करें. भावनात्मक संदेश देखकर जल्दबाजी में लिया गया फैसला आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है.
