बदायूं से पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे पति-पत्नी, 8 भारतीय SIM मिलने से खुला पूरा राज

UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं से ताल्लुक रखने वाले एक दंपती को दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह मामला 8 भारतीय सिम कार्डों के पाकिस्तान भेजे जाने से जुड़ा है.

UP News: पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क की जांच में उत्तर प्रदेश के बदायूं का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सराय काले खां इलाके से बदायूं मूल के मोहम्मद साहिल और उसकी पत्नी समीरा को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि दोनों लंबे समय से पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स के संपर्क में थे. जांच में भारतीय सिम कार्ड उपलब्ध कराने से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने के आरोप सामने आए हैं.

दुबई बना कथित ट्रांजिट रूट, पाकिस्तान पहुंचे भारतीय मोबाइल नंबर

पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2024 और 2025 के दौरान आठ भारतीय सिम कार्ड दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे गए. दिल्ली पुलिस का दावा है कि इन सिम कार्डों को भेजने के बदले दंपती को करीब 30 हजार रुपये मिले थे. पाकिस्तान पहुंचने के बाद इन्हीं भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप अकाउंट बनाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है. आशंका है कि इन भारतीय नंबरों का इस्तेमाल कर नेटवर्क से जुड़े लोग भारतीय ग्रुप्स और नागरिकों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे थे.

बदायूं कनेक्शन ने जांच एजेंसियों के सामने खड़े किए नए सवाल

दंपती के मूल रूप से बदायूं का निवासी होने के बाद अब जांच का दायरा जिले तक पहुंच गया है. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों ने सिम कार्ड कहां और किसकी मदद से हासिल किए. फिलहाल बदायूं के किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय संपर्कों की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या दंपती ने किसी संगठित नेटवर्क के जरिए भारतीय सिम कार्ड जुटाए थे या फिर इसके पीछे कुछ अलग-अलग सहयोगियों की भूमिका थी.

सेना से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाने की कथित कोशिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने तक सीमित नहीं है. पुलिस का दावा है कि नेटवर्क से जुड़े लोग दिल्ली-एनसीआर के सैन्य छावनी क्षेत्रों और सेना से संबंधित जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रहे थे. साहिल को कथित तौर पर ऐसे सैन्य कर्मियों से जुड़ी जानकारी एकत्र करने का काम दिए जाने की बात भी सामने आई है, जिनके कोर्ट मार्शल से संबंधित मामले ट्रिब्यूनल में लंबित थे. पुलिस इस एंगल से भी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है.

इंस्टाग्राम से संपर्क, संदिग्ध चैट और अब नेटवर्क के बाकी चेहरों की तलाश

पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि साहिल और समीरा वर्ष 2024 में इंस्टाग्राम के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आए थे. बाद में दोनों की शादी हुई और इसके बाद उन्हें पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव से जोड़े जाने का आरोप है. समीरा के पास से बरामद मोबाइल फोन में संदिग्ध चैट मिलने का भी पुलिस ने दावा किया है. अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल डिजिटल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और दोनों के संपर्कों की जांच कर इस कथित नेटवर्क के अन्य चेहरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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