लेडी मास्टरमाइंड के इशारे पर उड़ते थे ई-रिक्शा, पुलिस ने 8 वाहन के साथ गिरोह का किया भंडाफोड़

आजमगढ़ पुलिस ने ई-रिक्शा और बैटरी चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 20 लाख रुपये की चोरी की ई-रिक्शाएं और बैटरियां बरामद हुई हैं. गिरोह में एक महिला सदस्य की अहम भूमिका सामने आई है, जो रेकी कर चोरियों को अंजाम देती थी.

UP Crime News: आजमगढ़ में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा और बैटरी चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. शहर कोतवाली पुलिस, विशेष अपराध नियंत्रण टीम, चोरी अनावरण टीम और सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 20 लाख रुपये की कीमत वाली 8 चोरी की ई-रिक्शाएं, 36 बैटरियां और वाहन चोरी में इस्तेमाल की जाने वाली एक मास्टर-की बरामद की है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने शहर कोतवाली और सिधारी थाना क्षेत्र में हुई कई वाहन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है. पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अखिलेश यादव उर्फ समीर यादव के खिलाफ पहले से चोरी, शस्त्र अधिनियम और पॉक्सो सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी विस्तृत जांच कर रही है.

लगातार हो रही चोरियों के बाद गठित की गई थी विशेष टीम

पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि शहर कोतवाली और सिधारी थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से ई-रिक्शा चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं. मामलों की गंभीरता को देखते हुए चोरी का खुलासा करने के लिए संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया. जांच के दौरान मिले सुराग, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से मंगलवार तड़के करीब एक बजे मोहटी घाट क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से मो. मिजान, अखिलेश यादव उर्फ समीर यादव, विनोद जायसवाल, योगेश्वर जायसवाल, बृजेश कुमार गुप्ता और तबस्सुम को गिरफ्तार कर लिया गया.

महिला सदस्य की थी अहम भूमिका

पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में शामिल प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी अलग-अलग तय थी. महिला आरोपी तबस्सुम शहर के विभिन्न इलाकों में घूमकर उन ई-रिक्शाओं की पहचान करती थी, जो बिना निगरानी के खड़ी रहती थीं. रेकी पूरी होने के बाद वह बाकी सदस्यों को सूचना देती थी. इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य मास्टर-की की मदद से ई-रिक्शा चोरी कर उसे सुनसान जगह पर ले जाते थे.

बैटरियां निकालकर बेचते, फिर ई-रिक्शा लगाते थे ठिकाने

पुलिस के अनुसार, चोरी की गई ई-रिक्शाओं को सुनसान स्थान पर ले जाकर उनकी बैटरियां और अन्य कीमती सामान अलग कर लिया जाता था. इसके बाद वाहन को कबाड़ या अन्य माध्यमों से बेच दिया जाता था. चोरी से मिलने वाली रकम गिरोह के सभी सदस्य आपस में बांट लेते थे. इसी तरीके से यह गिरोह लंबे समय से कई वारदातों को अंजाम दे रहा था.

उत्कृष्ट कार्रवाई पर पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

वाहन चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा करने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी को प्रशस्ति-पत्र देने की घोषणा की है. इसके साथ ही संयुक्त पुलिस टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा.

-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट

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Published by: Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.
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