Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) रविवार की शाम लखनऊ पहुंची, जहां पर सीएम योगी के आवास पर पहुंच कर जांच की शुरुआती रिपोर्ट देगी. एसआईटी ने मौके से जुटाए गए सारे सबूत और लोगों से की गयी पूछताछ का ब्योरा 7 पेन ड्राइव में सुरक्षित रखा है. 6 दिन की जांच में 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, इनमें से 25 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं. जिन लोगों से SIT पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक कहीं बाहर न जाने की चेतावनी दी गई है. इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी शामिल हैं.
छह दिनों तक चली जांच रिपोर्ट लेकर SIT लखनऊ रवाना
एसआईटी ने राम मंदिर में प्रभाव रखने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से लगभग प्रतिदिन पूछताछ की. जांच के दौरान टीम ने उसके करीबी सहयोगियों, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी संपत्तियों की भी विस्तृत जानकारी जुटाई. छह दिनों तक चली जांच में एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, चढ़ावे की व्यवस्था, दान राशि की गिनती की प्रक्रिया, बैंक तक धन पहुंचाने की व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन पड़ताल की. जांच के छठे दिन शनिवार को टीम ने सभी आरोपियों और संदिग्धों के बैंक खातों से संबंधित जानकारी भी एकत्र की. जांच पूरी करने के बाद टीम सभी महत्वपूर्ण सबूत और दस्तावेज अपने साथ लेकर लखनऊ रवाना हो गई.
SIT ने पुराने रिकॉर्ड भी खंगाली
SIT ने मंदिर के दानपात्रों की धनराशि के उपयोग, अनावश्यक खर्चों और भूमि खरीद से जुड़े मामलों की भी जांच की, इसके साथ ही पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले. बैंक अधिकारियों से भी पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा पर कार्रवाई लगभग तय है. इसके अलावा, मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल राव पर भी गाज गिर सकती है.
अब तक 2 करोड़ की बरामदगी
चढ़ावा चोरी मामले में 5 लोग लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी की गई है. ये सभी मंदिर में दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े थे. मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी टिन्नू के घर से 13 जून को सोना मिला था. हालांकि, सोना कितना है, यह अभी तक कन्फर्म नहीं है. SIT ने छठे दिन राम मंदिर में कर्मचारियों से पूछताछ की. इसके बाद लखनऊ लौट गई.
सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था
सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई. अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है. कोर्ट को मामला देखना चाहिए. चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है. विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की. अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली थी.
अयोध्या में CM योगी ने कहा था- अपराधी कोई भी हो, नहीं बचेगा
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे थे. उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए तथा विपक्ष पर निशाना साधा. सीएम ने कहा कि राम मंदिर निर्माण का कांग्रेस ने विरोध किया था, जबकि सपा ने रामभक्तों पर गोली चलवाई थी. सीएम योगी ने जनसभा में कहा था कि सपा के दोहरे चरित्र को देखो, कहती है कि राम भक्तों का अपमान हुआ है. कारसेवकों और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग उपदेश देने चले हैं. हमने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच गठित की है. एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी. मैं सभी से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी न करें, जो रामभक्तों को आहत करें.
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