अयोध्या में लंका दहन से संजीवनी तक, अब आंखों के सामने जीवंत होगी हनुमान जी की शौर्य गाथा, 7D तकनीक से होगा अद्भुत अनुभव

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में रामकथा अब सिर्फ सुनने या देखने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए है. संकट मोचन गैलरी में 7D तकनीक से हनुमान जी की शौर्य गाथा जीवंत होगी, जिसमें दर्शक रामायण के प्रसंगों का अद्भुत अनुभव करेंगे.

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में रामायण के प्रसंग अब सिर्फ पढ़ने या देखने तक सीमित नहीं रहेंगे. सरयू तट पर बन रहे अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की संकट मोचन गैलरी में दर्शक हनुमान जी की शौर्य गाथा को 7D तकनीक के जरिए महसूस कर सकेंगे. दावा है कि किसी संग्रहालय की पूरी गैलरी को 7D तकनीक पर तैयार करने का यह दुनिया में पहला प्रयोग है.

30 दर्शक एक शो में देख सकेंगे गाथा

संकट मोचन गैलरी में करीब 25 से 30 मिनट की प्रस्तुति होगी. इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में हनुमान जी की शौर्य गाथा दिखाई जाएगी. गैलरी में 30 सीटें लगाई गई हैं. यानी एक शो में करीब 30 दर्शक इस अनुभव का हिस्सा बन सकेंगे. इसके लिए टिकट व्यवस्था शुरू करने की तैयारी भी चल रही है.

आंखों के सामने जीवंत होंगे रामायण के प्रसंग

गैलरी में रामायण के कई प्रमुख प्रसंगों को 7D तकनीक के जरिए जीवंत किया जाएगा. द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाने का प्रसंग इसमें खास होगा. इसके अलावा लंका दहन, अशोक वाटिका और लंका युद्ध जैसे दृश्य भी दिखाए जाएंगे. प्रस्तुति इस तरह तैयार की गई है कि दर्शकों को घटनाएं अपने सामने घटती हुई महसूस हों.

दृश्य से लेकर सुगंध तक का होगा अनुभव

7D तकनीक में सिर्फ स्क्रीन पर दृश्य दिखाने के बजाय कई तरह के प्रभावों को एक साथ जोड़ा गया है. दृश्य, ध्वनि, प्रकाश, कंपन और सुगंध के जरिए दर्शकों को रामायण काल का अनुभव कराने की तैयारी है. फिल्मों और मनोरंजन के क्षेत्र में इस तकनीक का इस्तेमाल पहले से होता रहा है. संग्रहालय में पूरी गैलरी को इसी तकनीक पर तैयार करना इसे खास बनाता है.

तकनीकी जांच के बाद ट्रस्ट लेगा उद्घाटन पर फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संग्रहालय के निदेशक मुताबिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की टीम गैलरी का निरीक्षण कर चुकी है. टीम 7D तकनीक से जुड़े निर्धारित मानकों के आधार पर इसकी जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट और प्रमाणपत्र दिया जाएगा. इसके बाद गैलरी को राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपा जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए इसे कब खोला जाएगा, इसका फैसला ट्रस्ट करेगा.

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By अंजली कश्यप

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