UP News: अमेठी जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जारी टीकाकरण अभियान को लेकर प्रशासनिक अमला बेहद गंभीर हो गया है. हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो विद्यालय अथवा मदरसे स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. डीएम ने साफ किया कि ढिलाई बरतने वाले शिक्षण संस्थानों की मान्यता निरस्त करने के लिए शासन को सिफारिश भेजी जाएगी.
लापरवाह कर्मियों पर गिरी गाज, बेहतर को मिला सम्मान
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य से पीछे रहने वाले पांच सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई. वहीं दूसरी ओर, एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह तथा पांच चिकित्सा अधीक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जनहित से जुड़ी विभागीय योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.
प्रशासनिक सतर्कता और आगामी रणनीति
अमेठी जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि स्वास्थ्य प्राथमिकताओं से समझौता करने वाले संस्थानों पर आगे और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. स्वास्थ्य विभाग की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर और स्कूलों में चौपाल लगाकर अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करें. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को समय पर सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके.
