UP Crime News: अलीगढ़ के बरला में पति सुरेश की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई उसकी पत्नी बीना और प्रेमी मनोज को 13 अगस्त को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई. दोनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. सजा के बाद जिला जेल प्रशासन ने दोनों की योग्यता और शारीरिक क्षमता का आकलन कर काम सौंप दिया. बीना अब जेल की रसोई में भोजन बनाएगी, जबकि मनोज साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभालेगा.
पति की हत्या के मामले में दोनों को उम्रकैद
मामला बरला थाना क्षेत्र के मोहल्ला कोठी का है. सुरेश की हत्या के मामले में अदालत ने उसकी पत्नी बीना और उसके प्रेमी मनोज को दोषी माना. 13 अगस्त को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही दोनों पर 35-35 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया.
जेल पहुंचते ही तय हुआ दोनों का काम
सजा के बाद दोनों को जिला कारागार भेजा गया. वहां जेल प्रशासन ने उनकी शैक्षणिक योग्यता, पृष्ठभूमि और शारीरिक क्षमता की जांच की. इसके बाद जेल नियमावली के तहत दोनों को अलग-अलग श्रम कार्य सौंपे गए. बीना को जेल की रसोई में भोजन बनाने की जिम्मेदारी मिली है. वहीं, मनोज को जेल में साफ-सफाई और झाड़ू-पोछे का काम दिया गया है.
जेलर ने बताया, नियमों के तहत मिला काम
जेलर आनंद पांडेय ने बताया कि दोनों सजायाफ्ता कैदियों की योग्यता और पृष्ठभूमि का आकलन करने के बाद उन्हें काम दिया गया है. जेल में कैदियों को उनकी क्षमता और नियमावली के अनुसार अलग-अलग श्रम कार्य सौंपे जाते हैं.
हत्या के मामले में दोषी, अब जेल में अलग-अलग जिम्मेदारी
जिस मामले में बीना और मनोज को उम्रकैद की सजा मिली, उसी के बाद अब दोनों की जेल की दिनचर्या भी तय हो गई है. बीना रसोई में भोजन बनाएगी और मनोज जेल की सफाई करेगा. दोनों को यह काम जेल प्रशासन ने नियमों के तहत सौंपा है.
