Akhilesh Yadav Speech: संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव का आक्रामक हो गए. उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य का सवाल है. सदन में बोलते हुए अखिलेश ने प्रदर्शनकारी छात्राओं के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया और सरकार से तीखा सवाल किया, "क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?" उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल गर्म हो गया, जबकि प्रदेश के कई जिलों में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया.
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी. उनका कहना था कि यदि विपक्ष को युवाओं से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलता, तो विरोध प्रदर्शन और प्रधानमंत्री आवास तक मार्च जैसी स्थिति पैदा नहीं होती. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सुनना सरकार की जिम्मेदारी है. छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करना भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है. उन्होंने सरकार से छात्र हितों को प्राथमिकता देने की मांग की.
अध्यक्ष से पूछा- हमें बोलने क्यों नहीं दिया?
सदन में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि विपक्ष के कई नेताओं को बोलने का मौका दिया गया, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर विपक्ष की बात सुनने से परहेज क्यों किया जा रहा है. उनके इस बयान के दौरान सपा सांसदों ने भी उनका समर्थन किया. अखिलेश ने कहा कि संसद बहस और संवाद का मंच है, जहां सभी पक्षों को बराबरी से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए.
छात्राओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और छात्राओं के साथ कथित तौर पर हुई सख्ती का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और बल प्रयोग किया गया. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि छात्रों के हाथ तोड़े गए, सिर फोड़े गए और छात्राओं के कपड़े तक फाड़े गए. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाली बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया.
अयोध्या में विरोध, सपा नेताओं को किया गया नजरबंद
अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में लखनऊ, वराणसी, प्रयागराज, बलिया, आजमगढ़ और अयोध्या में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन जारी है. बताया गया कि दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था. इसके बाद प्रदेश के कई जिलों में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया. अयोध्या में पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव को हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि सपा नेता लड्डू लाल यादव को भी नजरबंद किए जाने की सूचना सामने आई. पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
