क्या आपने देखा अखिलेश यादव का 68 बिस्वा में बना ये अत्याधुनिक आशियाना? जानिए अंदर की खास व्यवस्थाएं

Akhilesh Yadav Azamgarh House: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 3 जुलाई को आजमगढ़ में अपने 68 बिस्वा में बने अत्याधुनिक आवास और पार्टी कार्यालय का उद्घाटन व गृह प्रवेश करेंगे. इस परिसर में हाईटेक सुविधाएं, आगंतुक कक्ष और ऑडिटोरियम भी शामिल हैं. यहां से पूर्वांचल की सियासत साधने की तैयारी है.

Akhilesh Yadav Azamgarh House: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 3 जुलाई को आजमगढ़ में अपने नवनिर्मित आवास और पार्टी कार्यालय का उद्घाटन व गृहप्रवेश करेंगे. इस मौके पर वे एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें पूर्वांचल भर के कार्यकर्ता शामिल होंगे. पार्टी के लिए यह दिन काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसे पूर्वांचल में सपा के सियासी विस्तार की नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. सांसद धर्मेंद्र यादव एक सप्ताह से लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और विधानसभावार कार्यकर्ता बैठकों का आयोजन भी कर चुके हैं.

जनवरी 2021 में कराई थी ज़मीन की रजिस्ट्री

अखिलेश यादव ने जनवरी 2021 में आजमगढ़-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-233) के पास अनवरगंज क्षेत्र में पार्टी के नाम से 38 बिस्वा 16 कड़ी भूमि की रजिस्ट्री कराई थी. इसके बाद कुछ और ज़मीन खरीदी गई, जिससे कुल भूमि 68 बिस्वा तक पहुंच गई. यह ज़मीन पूरी तरह से रणनीतिक दृष्टि से चुनी गई थी ताकि शहर के पास पार्टी की मजबूत उपस्थिति स्थापित की जा सके. जमीन की खरीद के बाद लगातार निर्माण कार्य चला, जिसकी निगरानी सांसद धर्मेन्द्र यादव और सीनियर पार्टी नेताओं ने की.

68 बिस्वा ज़मीन पर आवास और कार्यालय, सुविधाओं से लैस

68 बिस्वा क्षेत्र में बना यह भवन सपा की नई राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र होगा. ज़िला मीडिया प्रभारी विवेक सिंह के अनुसार, भवन के ग्राउंड फ्लोर पर आगंतुकों से मुलाकात के लिए विशेष कक्ष, निजी सचिव का कार्यालय, सुरक्षा कर्मचारियों के लिए अलग रूम, और आम लोगों से संवाद के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है. पहले तल पर अखिलेश यादव के निजी निवास, बैठक व विश्राम के लिए विशेष कमरे बनाए गए हैं. इसके अलावा, अखिलेश यादव 2000 लोगों की क्षमता वाले भव्य ऑडिटोरियम का भी शिलान्यास करेंगे, जहां भविष्य में पार्टी की बैठकें, कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे.

आजमगढ़ से तय होगी पूर्वांचल की दिशा

सपा नेताओं के अनुसार, यह आवास सिर्फ एक निजी निवास नहीं बल्कि एक राजनीतिक केंद्र है, जहां से पूर्वांचल की सियासत को नई दिशा दी जाएगी. मुलायम सिंह यादव हमेशा आजमगढ़ को अपनी ‘धड़कन’ बताते थे, और अब अखिलेश यादव भी इसे अपना दूसरा घर मानते हैं. इस नए राजनीतिक केंद्र से अखिलेश यादव न सिर्फ पार्टी की रणनीति तय करेंगे, बल्कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर संगठन को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने की योजना पर काम करेंगे. आने वाले चुनावों के लिए पूर्वांचल में यह कार्यालय सपा का कमांड सेंटर बनेगा.

सपा का अजेय गढ़ है आजमगढ़

आजमगढ़ सपा के लिए हमेशा से बेहद खास रहा है. वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने जिले की सभी 10 सीटें जीतीं. 2017 में 9 सीटें और 2022 में फिर से सभी 10 सीटों पर कब्जा कर यह साबित किया कि जिले में पार्टी की पकड़ आज भी मजबूत है. लोकसभा चुनावों में भी यह परंपरागत सीट रही है जहां मुलायम सिंह यादव (2014), अखिलेश यादव (2019) और धर्मेन्द्र यादव (2024) सांसद चुने गए. यही वजह है कि पार्टी इस जिले को अपना सबसे भरोसेमंद गढ़ मानती है और यहीं से बड़े राजनीतिक फैसले भी लिए जाते हैं.

पूर्वांचल में है 164 सीटों का दमदार दांव

पूर्वांचल में कुल 28 जिले आते हैं, जहां विधानसभा की लगभग 164 सीटें हैं. 2017 के चुनावों में सपा को सिर्फ 14 सीटें मिली थीं, जबकि 2022 में यह आंकड़ा बढ़कर 53 हो गया. इसके बावजूद पार्टी सत्ता से बाहर रही. अब सपा की कोशिश है कि पूर्वांचल में सांगठनिक ढांचे को और मजबूत किया जाए और हर विधानसभा में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए. अखिलेश यादव के आजमगढ़ स्थित इस नए आवास और कार्यालय से पूरे पूर्वांचल में अभियान चलाने की योजना है, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा को निर्णायक बढ़त दिलाई जा सके.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >