UP News: ग्रेटर नोएडा से आगरा जाने वाले यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते हाइड्रोजन बसों का ट्रायल किया जा रहा है. ट्रायल सफल रहा तो इस रूट पर नियमित बस सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है. फिलहाल परीक्षण के दौरान लंबी दूरी पर बसों के संचालन और उससे जुड़ी चुनौतियों को परखा जा रहा है.
यमुना एक्सप्रेसवे पर हो रहा परीक्षण
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने 12 जून से इलेक्ट्रिक बसों के साथ एनटीपीसी के सहयोग से तीन हाइड्रोजन बसों का संचालन शुरू किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन बसों को शुरुआत में नोएडा तक चलाया गया था. हालांकि, करीब 15 दिन बाद सेवा रोक दी गई. इस दौरान बसों में एसी से जुड़ी दिक्कत और यात्रियों की कम संख्या जैसी समस्याएं सामने आई थीं. अब यीडा ने इन बसों को ग्रेटर नोएडा से आगरा तक चलाने की दिशा में कदम बढ़ाया है. इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते आगरा रूट पर बसों का परीक्षण किया जा रहा है. ट्रायल में यह देखा जा रहा है कि लंबी दूरी पर बसों के संचालन में क्या दिक्कतें आती हैं और उन्हें किस तरह दूर किया जा सकता है.
30 सितंबर तक चलेगा ट्रायल
यीडा के एसीईओ राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, हाइड्रोजन बसों के संचालन का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है. मौजूदा ट्रायल 30 सितंबर तक जारी रहेगा. परीक्षण पूरा होने के बाद यात्रियों के लिए इन बसों का नियमित संचालन शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा.
एक बार ईंधन भरने पर 600 किमी तक सफर
इन हाइड्रोजन बसों की खासियत यह है कि एक बार हाइड्रोजन भरने के बाद ये करीब 600 किलोमीटर तक चल सकती हैं. बसें एनटीपीसी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं और इनके लिए हाइड्रोजन ईंधन की व्यवस्था भी एनटीपीसी ही कर रहा है. वहीं, बसों के संचालन और प्रबंधन की निगरानी यीडा के पास है. अगर परीक्षण के बाद नियमित सेवा शुरू होती है, तो ग्रेटर नोएडा-आगरा रूट पर यात्रियों के लिए एक नया परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा.
