Agra News: आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए पहले किडनी ट्रांसप्लांट के साथ वैवाहिक जीवन में साथ निभाने की एक भावुक तस्वीर सामने आई है. सिकंदराराऊ, हाथरस निवासी 32 वर्षीय महेंद्र को उनकी 30 वर्षीय पत्नी मीना ने अपनी किडनी दान की. परिवार की शुरुआती आपत्ति के बावजूद मीना अपने फैसले पर कायम रहीं और आखिरकार पति के सफल इलाज के लिए किडनी डोनेट की. अब वह कहती हैं कि शादीशुदा जिंदगी में सुख-दुख के बीच पति-पत्नी को एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ना चाहिए.
दो साल पहले पता चला किडनी की बीमारी, डायलिसिस के लिए हर सप्ताह आती थीं
महेंद्र और मीना की शादी वर्ष 2015 में हुई थी. महेंद्र गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे. करीब दो साल पहले उन्हें किडनी की बीमारी का पता चला. शुरुआत में जयपुर में इलाज कराया गया, इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन से उपचार शुरू हुआ. महेंद्र को सप्ताह में दो से तीन दिन डायलिसिस के लिए अस्पताल लाना पड़ता था. परिवार का खर्च चलाने के लिए मीना ने परचून की दुकान भी खोल ली.
मां ने भी किडनी देने से किया था मना, लेकिन फैसले पर डटी रहीं मीना
किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जब डॉक्टरों ने पूछा कि महेंद्र को किडनी कौन देगा, तो मीना ने खुद आगे बढ़कर हामी भर दी. हालांकि उनकी मां ने भी उन्हें ऐसा करने से रोकते हुए कहा कि उनकी तबीयत पहले से खराब है और किडनी देने के बाद 10 साल की बेटी और दो बेटों की जिम्मेदारी कैसे संभालेंगी. इसके बावजूद मीना अपने फैसले पर कायम रहीं. बाद में डॉक्टरों ने परिवार की काउंसलिंग की और समझाया कि इंसान एक किडनी के सहारे भी सामान्य जीवन जी सकता है. इसके बाद परिवार के लोग भी तैयार हो गए.
ट्रांसप्लांट के बाद वीडियो कॉल पर हुई पति-पत्नी की भावुक बातचीत
शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की सुपरस्पेशियलिटी विंग में महेंद्र को मीना की किडनी प्रत्यारोपित की गई. महेंद्र किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में भर्ती हैं, जबकि मीना को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है. ट्रांसप्लांट के बाद दोनों की व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कराई गई. एक-दूसरे का हाल पूछते हुए दोनों भावुक हो गए. मीना ने निश्शुल्क किडनी प्रत्यारोपण के लिए असाध्य रोग निधि के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और डॉक्टरों की पूरी टीम का आभार जताया. उन्होंने कहा कि जिंदगी गुड्डा-गुड़िया का खेल नहीं है और पति-पत्नी को सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाना चाहिए.
